जैन संस्कृति एवं लोक संस्कृति जीवंत करते हुए हुआ बोराव पंचायत के सरपंच श्री अनुराग जैन ठग का विवाह – जीव दया एवं परोपकार के क्षेत्र में दिया अनुदान

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जैन संस्कृति एवं लोक संस्कृति जीवंत करते हुए हुआ बोराव पंचायत के सरपंच श्री अनुराग जैन ठग का विवाह – जीव दया एवं परोपकार के क्षेत्र में दिया अनुदान
बोराव
आज के इस भौतिकता के युग में जहां विवाह – शादी समारोह में हमारी संस्कृति के विपरीत कार्य होने लगे हैं।

 

ऐसे में एक विवाह जो 16 जनवरी 2025 को चित्तौड़ जिले के बोराव ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमान अनुराग जैन ठग का हुआ जो राजस्थान के सबसे कम उम्र के सरपंचों में से एक है। श्रीमान कैलाशचंद स्वर्गीय श्रीमती निर्मला बाई ठग के सुपौत्र एवं श्रीमान अनिलकुमार – श्रीमती मैना बाई ठग।
बोराव , जिला :- चित्तौड़गढ़ (राज.) के सुपुत्र श्रीमान अनुराग जैन सरपंच बोराव जिला चित्तौड़गढ़ का विवाह श्रीमान मांगीलाल जैन – स्व. श्रीमती विमला बाई साकुण्या की सुपौत्री एवं श्री ऋषभ कुमार जी – श्रीमती कांता बाई साकुण्या की सिंगोली , जिला :- नीमच (म.प्र.) की सुपुत्री आयुष्मति शानू जैन के साथ संपन्न हुआ।


विवाह की खास बात यह रही कि आज के इस युग में देखा जाता है कि प्रदर्शन एवं दिखावा विवाह के अवसर पर अत्यधिक किया जाता है और संस्कृति और परंपराओं को अनदेखा कर नजरअंदाज कर दिया जाता है लेकिन यह विवाह अपने आप में अनूठा इसलिए है कि इसमें पूरे क्षेत्र की जनता अपना सहयोग दिया साथ ही इस विवाह में जैन संस्कृति के साथ हमारी लोक संस्कृति को भी पुनर्जीवित करने का कार्य किया ।।

 

विवाह भोज में दिखावे में अनेक प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं जो लक्ष्मी का दुरुपयोग कहलाता है इसके विपरीत इन्होंने सीमित व्यंजन भोजन में बने और अतिथि देवों भवः को भी चरितार्थ किया । छोटे से छोटे व्यक्तियों को इसमें आमंत्रित किया इसके साथ इन्होंने जैन संस्कृति का परिचय देते हुए रात्रि में भोजन नहीं करवाया। भोजन की व्यवस्था बैठक के माध्यम से की गई एवं रात्रि में भोजन भी नही बनाया गया जो कि निश्चित रूप से समाज के लिए आदर्श और एक प्रेरणादायक उदाहरण कहा जा सकता है। इसके साथ ही इन्होंने राजस्थान लोक कला एवं लोक संस्कृति को जीवित रखते हुए मस्का बैंड बुलाया जो लोक कला और संस्कृति को भी पुनर्जीवित कर गया।

 

 


समाज सेवा में अग्रणी सरपंच अनुराग जैन का परिवार सदा धर्म कार्यों में आगे रहता है। इनका परिवार तन – मन – धन से साधु संतों की सेवा एवं सभी के सहयोग के लिए तत्पर खड़ा होता है। विवाह में उनके परिवार द्वारा धर्म के क्षेत्र में भी अनुदान दिया तथा इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को शिक्षा हेतु गरीब एवं असहाय व्यक्तियों के लिए अपना अनुदान प्रदान किया। इन्होंने जैन पाठशाला में बच्चों की शिक्षा के ऊपर जोर देते हुए अनुदान प्रदान किया ।विवाह एक धार्मिक बंधन अटूट संस्कार है , जिसका यह विवाह परिचायक बना । इसके साथ ही हुए इस विवाह की सराहना समस्त ग्रामवासी ही नहीं, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी एवं पूरे भारतवर्ष का जैन समाज कर रहा है। ऐसे विवाह समाज में एक आदर्श और आयाम स्थापित करते हैं। लेकिन इस विवाह में संस्कृति , धार्मिक संस्कार पूर्ण रूप से परिलक्षित हुआ। इस तरह के विवाह समाज को संस्कृति एवं हमारी परंपराओं से जोड़े रखते है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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