स्वयं करने और चलने की हिम्मत रखो..तुम देखना,, एक दिन पुरा काफिला तुम्हारे पीछे दौड़ेगा..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
जहाजपुर राजस्थान
अन्तर्मना आचार्य श्री108 प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ की अहिंसा संस्कार पदयात्रा दीक्षा भुमी परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान की और चल रही है उसी श्रुंखला में आज उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि स्वयं करने और चलने की हिम्मत रखो..तुम देखना,, एक दिन पुरा काफिला तुम्हारे पीछे दौड़ेगा..!
खुद से कुछ करने का जज्बा शुरू करें और देखें, कैसे असम्भव कार्य सम्भव नहीं होते। हमने अनुभव किया – आज का कोई भी इन्सान बुरा नहीं है। सिर्फ उसकी आदतें बुरी होने से, अच्छा कार्य भी खराब हो जाता है। इसलिए अच्छी आदतों को जीवन में लायें और बुराईयों पर अच्छे कार्यों की मुहर लगायें। इन सूत्रों को आत्मसात करें, फिर देखें जीने का आनंद —


आप कहीं भी 5-7 मिनट ध्यान कर सकते हैं।नित्य 30 मिनट एक्सरसाइज करें। खुद को स्वस्थ और प्रसन्न रखें।सौ बीमारियों से बचने के लिये, सप्ताह में सिर्फ एक दिन गर्म पानी या नींबू पानी पीयें। 


अपने कार्य और कर्त्तव्य को हर क्षण याद रखें।जिन कारणों से मन की शान्ति और चेहरे की चमक खत्म हो रही हो, उन कारणों को समाप्त करें या समाधान करें।
हर महीने के दो दिन तय करें, मोबाइल और नेट बन्द करके अपने परिवार के साथ रहेंगे।लेट सोना और देर से उठना बन्द करें।जो नुकसान किसी भी तरह से हुआ या हो गया है, उसे भूलकर या छोड़कर नये फायदे की सोचें।अपनों से ज्यादा अपने आप पर भरोसा करें, तथा अपनी औकात से ज्यादा इच्छा और अपेक्षा न रखें।
गलत बात, गन्दे वीडीओ किसी को फॉरवर्ड ना करें।माता, पिता, गुरू और धर्म के साथ छल, कपट, झूठ का व्यवहार ना करें।दस बजे नेट बन्द करके, आज की समीक्षा और कल की प्रतीक्षा करें।शेष विशेष – मेरी बातें ज्यादा समझदार, बुद्धिमान, चतुर और चालाक लोगों के लिये नहीं है। उनके लिये है जिनको जीवन का मूल्य वसूल कर, मुस्कुराना है।
ये बातें उनको कठिन लगेगी, जिनको कुछ भी नहीं करना है, सिर्फ जीवन को ढोना है और जानवरों सा जीवन जीना है…!!!
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
