जीवन में कभी भी मां बाप का तिरस्कार मत करना आचार्य श्री सुनील सागर महाराज
गनोड़ा
परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज संघ का शनिवार की बेला में गनोडा में मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य संघ की नगर में भव्य मंगल आगवानी की गई।
दोपहर की बेला में राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत स्कूल में आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ने बच्चों को संबोधित करते हुए गुरु मंत्र प्रदान किए उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कभी मा-बाप का अपमान और तिरस्कार मत करना, क्योंकि तुम्हें ऊंचा उठाने के लिए मां-बाप 100 बार नीचे गिरे हैं।

आचार्य श्री ने कहा कि हमारे जन्म से लेकर हमारी कामयाबी तक मां-बाप हमारा पूरा साथ देते हैं, लेकिन जब बच्चे कामयाब हो जाते हैं तो मां-बाप का साथ छोड़कर उन्हें वृद्ध आश्रम छोड़ आते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने गुरु जनों का भी सम्मान करें। शिक्षक को भी अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय में गनोड़ा दिगंबर जैन समाज की ओर से नवनिर्मित संत भवन का नामकरण आचार्य सुनील सागर से करवाया गया। बैनर का विमोचन कर आचार्य सुनील सागर ने संत भवन का नया नाम सन्मति सुनीलम रखा है। इसके अलावा गनोड़ा बालिका मंडल में भी व्यसन मुक्ति, शिक्षा सदाचार संस्कार के लिए बालिका मंडल का गठन किया है।
आचार्य श्री ने बच्चों को कुछ संकल्प दिलवाए ऑ जीवन में कभी क्रोध नहीं करने, विपरीत परिस्थितियों में भी आत्महत्या जैसा गलत काम नहीं करने, मां बाप को कभी भी वृद्ध आश्रम नहीं
भेजने, निरंतर कड़ी मेहनत करने, ऊंची सोच रखने का संकल्प दिलाया। आचार्य श्री ने बच्चों से प्रश्न पूछे उसके सभी ने सही उत्तरदिए। जिस पर बच्चों को उपहार स्वरूप पुस्तके प्रदान की गई। आचार्य श्री ने बच्चों को भगवान श्री राम के आदर्श को आत्मसात कर उनकी तरह आचरण करने को कहा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
