मुकप्राणीयों के साथ गौसेवा करना बहुत पुण्य का कार्य है –मुनि श्री पुनीतसागर महाराज
अशोक नगर –
-संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री आगम सागर जी महाराज मुनिश्री पुनीत सागर जी महाराज ससंघ खनियांधाना चन्देरी पिपरई से पद विहार करते हुए रविवार प्रातः काल की बेला में नगर पधारें जहां नगर के वाहर थूबोनजी रोड पर जैन समाज के अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद थूवोनजी कमेटी महामंत्री विपिन सिंघई ने मुनि श्री को श्री फल भेंट कर आगवानी की। मुनिसंघ के आगे आगे सेवादल के दिव्य घोष बैंडबाजों से श्री पार्श्वनाथ मंदिर पधारें।
माता ने बहुत कष्ट उठाकर आपको जना है मुनिश्री
इस अवसर पर धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ने कहा कि आप को ज्ञात नहीं है आपकी माता ने तुम्हारे लिए कितने कष्ट उठाये है रात रात भर जाग कर तुम्हें संभाला है और हम उसी मां को भुला रहें हैं माता गर्भ से ही कष्ट सहन कर बेटे को पाती है वहीं प्रभु तीर्थकर बालक के जन्म पर माता को रंजमात्र भी कष्ट नहीं होता ऐसा अपूर्व पुण्य होता है तीर्थकर का
प्रभु जो जगत कल्याण के लिए ऐसी भावना लेकर आते हैं उनके जन्मते ही एक क्षण के लिए जगत में शान्ति हो जाती है उनका ऐसा पुण्य होता है।
जीवों के प्रति दया करुणा का भाव रखें मुनिश्री पुनीत सागर महाराज
इस अवसर पर मुनिश्री पुनीत सागर जी महाराज ने कहा कि गायों के साथ ही मुक प्राणियों की सेवा में भी बहुत पुण्य बंध होता है दुनिया में दया से बड़ा कोई धर्म नहीं है हम सभी के मन में जीवों के प्रति करुणा दया का भाव होना चाहिए आप अपने वच्चो को दया धर्म के संस्कार दे बच्चो का जन्म दिन गायो के बीच गौशाला में मनाए ।अपने बच्चो को वेटनरी डाक्टर वनाये इससे कैरियर के साथ गौसेवा के साथ ही आप की संतान मुक प्राणियों की सेवा कर सकें। समारोह का संचालन जैन युवा वर्ग के संरक्षण शैलेन्द्र श्रागर ने किया।
इसके बाद आहारचर्या हुई मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के आहार का सौभाग्य संजीव महावीर टी को प्राप्त हुआ वही मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज का सौभाग्य राधेलाल राजकुमार चाचा धुर्रा परिवार को मिला
इसके बाद मुनि श्री ने गंज मन्दिर की जिनवदंना की
दोपहर बाद किया शाडौरा प्रस्थान गुना में होगा चातुर्मास
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के निर्देशन में देशभर में साधु संघो के साथ ही आर्यिका माताजी के चातुर्मास स्थानो का निर्धारण किया जाता है मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ससंघ का वर्षावास गुना नगर में होने जा रहा है इसे ध्यान में रखते हुए मुनि संघ ने दोपहर बाद गुना के लिए विहार कर दिया जहां समाज जनों ने मुनि श्री को भावभीनी विदाई दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
