तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज वर्ष 1996 रामगंज मंडी प्रवास के छाया चित्र देख हुए गदगद

धर्म

तपोभूमि प्रणेता आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज वर्ष 1996 रामगंज मंडी प्रवास के छाया चित्र देख हुए गदगद
रामगंजमंडी
परम पूज्य तपोभूमि प्रणेता पर्यावरण संरक्षक आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर महाराज का 25 दिसंबर 2024 को रामगंज मंडी नगर में विशाल पदयात्रा के साथ नगर में भव्य आगमन हुआ था। इससे पूर्व परम मुनि भक्त परिवार श्रीमान भूपेंद्र कुमार शोभना सांवला ने आचार्य श्री को वर्ष 1996 में रामगंज मंडी प्रवास एवं उनके घर में हुए आहारचर्या की छाया झलकियां जो उनके द्वारा संरक्षित थी उन्हें गुरुवर को 24 दिसंबर 2024 को देवरीघटा में बताया उन्हें देख आचार्य श्री काफी गदगद हुए। और स्मृति को संरक्षित रखने के लिए सांवला परिवार की अनुमोदना की।

 

जब श्री भूपेंद्र सावला एवं श्रीमती शोभना सांवला से वर्ष 1996 से जुड़ी स्मृति के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि जब हमारे आवास पर गुरु के आहार हुए तो हमारा मन काफी गदगद था गुरुवर ने हमें मंगल आशीर्वाद भी प्रदान किया। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी गुरुवर की आशीष हम पर निरंतर बरसती है। उसी का परिणाम हुआ कि जब गुरुदेव का 25 दिसंबर 2024 को नगर में आगमन हुआ और उसी दिन गुरुवर का आहार भी हमारे आवास को प्राप्त हुआ और हमारे परिवार को प्राप्तहुआ। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव का सन 1996 में रामगंजमंडी नगर में प्रवास रहा तो मानो ऐसा लगता था की संपूर्ण रामगंज मंडी धर्म की गंगा में डुबकी लगा रही हो जगह-जगह गुरुदेव के प्रवचन एवं शाम की आनंद यात्रा में पूरा मंदिर खचाखच भरा होता था और जब पूज्य मुनि श्री 108 तरुण सागर जी महाराज चौराहा चौराहा पर प्रवचन करते तो संपूर्ण रामगंज मंडी विगत दो घंटे के लिए थम सी जाती थी और बस एक तक गुरुदेव का प्रवचन सुनती थी। वे बताते हैं की रामगंज मंडी के इतिहास में सर्वाधिक युवा इस समय धर्म से जुड़कर आगे आए थे। क्या बच्चे क्या युवा जैन जैनेतर बस गुरुदेव की एक झलक पाने को आतुर रहते थे।

   

पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज द्वारा ध्यान प्रतिक्रमण के द्वारा जीवन का यथार्थ सत्य बताते हुए एक प्रतिक्रमण भी करवाया था। उस समय पूज्य आचार्य श्री मुनि अवस्था में थे। इसी के साथ पूज्य मुनि श्री तरुण सागर जी महाराज पूज्य मुनि श्री प्रज्ञा सागर महाराज सानिध्य में 2 फरवरी से 7 फरवरी सन 1996 तक एक ऐतिहासिक पदयात्रा निकली जो बहुत ही ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय थी। विगत 38 वर्षों में गुरुदेव ने जो धर्म की गंगा एवं जिन शासन का ध्वज फहराया है वह अविस्मरणीय हैं एवं चिरकालिक है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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