आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज के समाधि दिवस पर बहुत-बहुत नमोस्तु सादर विनयांजलि
53 वे अंतर विलय समाधि वर्ष दिनांक 6 जनवरी 1972 माघ कृष्ण छठ पर नमोस्तु नमोस्तु नमोस्तु फिरोजाबाद में श्रीमती बूंदी बाई रतन लाल जी के यहां पांच पुत्रों में तीसरे पुत्र महेंद्र जी का जन्म वैशाख वदी नवमी विक्रम संवत 1967 तीन मई 3 सन 1910 को हुआ। 10 वर्ष की उम्र में आपकी माता जी का निधन हो गया बचपन से आप में वैराग्य की भावना बलवती होती रही आचार्य कल्प श्री चंद्रसागर जी महाराज से अपने 7 प्रतिमा ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया। प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती
आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज के प्रथम मुनि शिष्य श्री वीर सागर जी महाराज से सन1937 संवत 1994 को टांका टूका गुजरात में आपने छुल्लक दीक्षा ग्रहण की। 32 वर्ष की उम्र में आपने उदगांव में परम पूज्य मुनिश्री आदिसागर जी से फागुन शुक्ला ग्यारस सन 1942 को मुनि दीक्षा ग्रहण की आप मुनि श्री महावीर कीर्ति जी बनेआपको आचार्य पद आश्विन कृष्ण दशमी सन 1943 को प्राप्त हुआ। आपने संयम काल में अनेक भव्य जीवो को दीक्षा प्रदान की जिसमें आचार्य श्री विमल सागर जी प्रमुख है।संयमी जीवन में आपके ऊपर अनेक उपसर्ग आए बड़वानी में हजारों मधुमक्खियां ने आप पर उपसर्ग किया किंतु आप अविचलचल सुमेरु पर्वत की भांति बैठकर साधना करते रहे उपसर्ग दूर होने पर ही आपने अपना ध्यान भंग किया। इस प्रकार दर्जनों उपसर्ग आपके संयमी जीवन में हुए हैं। सन 1964 में आपने वर्षायोग शिष्य मुनि आचार्य श्री विमल सागर जी के साथ बड़वानी बावन गजाजी मध्य प्रदेश में किया।वात्सल्य वारिधि आचार्य वर्धमान सागर जी ने अपने गृहस्थ अवस्था की 14 वर्ष की उम्र में श्री यशवंत जी ने बड़वानी में आचार्य श्री विमल सागर जी और आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी के दर्शन किए।श्री यशवंत जी को आचार्य श्री विमल सागर जी ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि धर्म मार्ग में खूब आगे बढ़ो ।इसके पश्चात आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि वैराग्य मार्ग ही हितकर है , सो उस मार्ग पर चलकर जीवन सफल बनाओ।संयमी जीवन में अपने मध्य प्रदेश , गुजरात,शिखरजी, जयपुर, उदयपुर ,गिरनार पावागढ़, राजस्थान ,महाराष्ट्र कर्नाटक , आदि अनेक नगरों राज्यों में भ्रमण कर धर्म की प्रभावना की। अपने अनेक दीक्षाएं दी आपने अनेक पंचकल्याणक तथा अनेक सल्लेखना समाधि भी कराईमाघ कृष्ण 6 संवत 1972 अंग्रेजी वर्ष 6 जनवरी 1972 को आपकी समाधि गुजरात के मेहसाणा में हुई।इसे मूल रूप स्वरूप में ही प्रसारित करें इसमें कटिंग करना या लेखक का नाम हटाना मायाचारी है कृपया निम्न मानसिकता का परिचय नहीं देवेविस्तृत जीवन परिचय दिगंबर जैन wiki.com की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगाराजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
