मां मे ममता और साथु मे समता आवश्यक है-उपाध्याय श्री विकसन्त सागर जी महाराज

धर्म

मां मे ममता और साथु मे समता आवश्यक है-उपाध्याय श्री विकसन्त सागर जी महाराज

आगरा
4 जनवरी को इतनी कड़कड़ाती ठण्ड में उपाध्यायश्री विकसंत सागर जी महाराज ससंघ का कमला नगर के श्री महावीर दिगंबर जैन मन्दिर में मंगल प्रवेश हुआ| जहां कमला नगर जैन समाज ने उपाध्याय श्री का पाद प्रक्षालन एवं मंगल आरती कर स्वागत किया गया| उपाध्याय श्री ससंघ अष्टापद की यात्रा कर देहरादून चातुर्मास कर आया है|

 

इसी सन्दर्भ मे बोलते हुए उपाध्यायश्री ने उस यात्रा का संस्मरण सुनाते हुए बताया कि कैसे पहाड़ो पर मंगल विहार करते हुए उपाध्याय संघ को एक युवक ने रोक कर नग्नता पर प्रश्न किये| जिसका वीडियो पूरे देश मे वायरल हुआ, उस समय संघ ने समतापूर्वक व्यवहार कर उस युवक को समझाया और वीडियो वायरल होने के बाद तो जैसे पूरे देश मे भूचाल आ गया और सरकार ने भी तुरन्त कार्यवाई कर उस युवक को गिरफ्तार कर मुनिसंघ के सामने खडा कर दिया|उन्होने कहा कि मां मे ममता और साधु मे समता आवश्यक है, समता का ही परिणाम था कि उपरोक्त प्रकरण सुलझ गया|

 

उन्होने वहां उपस्थित लोगो को संस्कारयुक्त जीवन जीने का उपदेश देते हुए कहा कि जिस पंगत में शुद्ध भोजन न हो और जिस संगत मे शुद्ध विचार न हो उसे तुरन्त छोड देना चाहिए| मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि उपाध्याय श्री विकसंत सागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवास अभी कुछ दिन कमलानगर जैन मंदिर में ही रहने की संभावना है और मंगल प्रवचन प्रात:काल 8.00 बजे से हुआ करेंगे|

 

इस अवसर पर आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद जैन,मंत्री पवन जैन,मनोज जैन लुहाड़िया बांकलीवाल, अनिल जैन FCI,पी के जैन,रमेश जैन राशन,नरेश जैन समस्त अनेक भक्त मौजूद रहे| धर्मसभा का संचालन अनुज जैन क्रान्ति ने द्वारा किया गया|
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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