सात वर्ष बाद होगा आचार्य श्री गुप्तिनंदी जी महाराज संघ एवम आचार्य श्री गुणधरनंदी महाराज संघ का महामिलन
वरुर
परम पूज्य प्रज्ञायोगी आचार्य श्री 108गुप्तिनंदी जी गुरुदेव ससंघ का मंगल विहार नवग्रह शांति जिनालय धर्मतीर्थ क्षेत्र से नवग्रह तीर्थ वरूर की ओर चल रहा है ।
पूज्य आचार्य श्री 108 गुप्तिनंदी गुरुदेव का 4-1-2025 को श्री dदिगंबर जैन मंदिर कुसगल से सिद्धरमठ कुंद गोल क्रास के लिए 13किमी का मंगल विहार हुआ।
5-1-25 आचार्य श्री का सिद्धरमठ से जमनालाल जैन फार्म हाउस सेल आफिस के सामने तक 7 किलोमीटर का विहार होगा एवम आहार भी यही संपन्न होगा।
दोपहर की बेला में आहार स्थल मंगल विहार होगा एवम नवग्रह तीर्थ वरूर मंगलप्रवेश होगा जहां 7वर्ष बाद आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जीसंघ एवं आचार्य श्री गुणधरनंदी जी ससंघ आदि अनेक आचार्यों गुरुबंधुओ का वात्सल्य मिलन होगा।इस महामिलन पर सभी की निगाहे टिकी है। जो अपने आप में अभूतपूर्व एवम अविस्मरणीय क्षण होगे।

दिगंबर जैन ग्लोबल महासभा के अध्यक्ष जमनालाल जैन हपावत ने बताया कि नवग्रह पर तीर्थ वरुर में विश्व की सबसे बड़े 405 फीट उत्तंग सुमेरु पर्वत का निर्माण हुआ है

जिसका भव्य पंचकल्याणक महोत्सव होने रहा है जो की 15से 26 जनवरी 2025 के बीच संपन्न होगा एवं महा मस्तकाभिषेक भी संपन्न होगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
