पुत्र गीत है तो पुत्री संगीत है विमल सागर महाराज

धर्म

पुत्र गीत है तो पुत्री संगीत है विमल सागर महाराज
खिमलासा
पंचकल्याणक महोत्सव के गर्भकल्याणक महोत्सव के दिन परम पूज्य मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज ने कहा कि जिस घर में स्त्री पुरुष विवेकी ही होते हैं वो घर स्वर्ग होता है। जो अपने धन का दान करता है, वह अपने धन का सदुपयोग करता है, उसे समाज व देश के लिए भी तत्पर रहना चाहिए। तीन लोक के नाथ को जन्म देने वाली मां विशेष होती है। कितना भी दान कर लो, तपस्या कर लो, सोधर्मेंद्र नहीं बन सकतेहै।

 

महाराज श्री ने कहा कि अच्छी संतान के लिए अच्छे संस्कार दें। गर्भावस्था में संतान को मारने वाले को हत्या का पाप लगता है। ऐसे कृत्य जीवन में नहीं करना चाहिए। पुत्र की तरह पुत्री भी जरूरी है। पुत्र गीत है तो पुत्री संगीत है। संस्कारवान पुत्रियां दोनों कुलों का मंगल करती है। एक वृक्ष कितना उपकारी होता है लाखों की आक्सीजन प्रदान करता है। अपने जीवन में एक पौधा जरूर लगाए और उसे वृक्ष बनाएं। जिसके अंदर परोपकार की भावना होती है वही वृक्ष लगाता है। 6 फरवरी को आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का प्रथम समाधि दिवस है उस दिन पूरे देश में सभी को पौधे लगाना है।

समवशरण दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सभा होती है भावसागर महाराज
धर्म सभा में मंगल प्रवचन देते हुए पूज्य मुनि श्री 108 भावसागर महाराज ने कहा कि समवशरण दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सभा होती है। भगवान की धर्म सभा को समवशरण कहते हैं। यह भूमि से 3000 फीट ऊपर होता है। इसमें एस्केलेटर जैसा सिस्टम होता है। इसमें 20-20 हजार सीढ़ियां होती हैं। श्री त्रिमूर्ति दिगंबर जैन मंदिर में यह दुनिया भर का प्रथम स्थान है जहां-24 समवशरण की रचना हुई है। यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

इस अवसर पर बोलते हुए मुनि श्री आदि सागर महाराज ने कहा कि हमें अपने विचारों को बदलना है जिससे जीवन बदल जाएगा, फास्ट फूड नहीं खाए। पंचकल्याणक के महापात्र फास्ट फूड का त्याग करें, यह हमारा प्रथम पंचकल्याणक है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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