भारत गौरव आर्यिका रत्न 105विज्ञा श्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर बालवाडी़ चाकसू में होंगें 2-3 अप्रैल को अनेक धार्मिक आयोजन*
जयपुर
भारत गौरव आर्यिका रत्न 105 विज्ञा श्री माताजी के पावन सानिध्य में चाकसू के आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 2-3अप्रेल को हो रहे वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव में अनेक मांगलिक कार्यक्रम समाज की तरफ से आयोजित किए जायेंगे।

जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजाबाबू गोधा ने अवगत कराया कि गुरु मां ने सभी को माँ के मातृत्व प्रेम के बारे में संबोधन देते हुए कहा कि – एक दिन श्री कृष्ण की मां देवकी के घर में आहार के लिए दो चारण ऋद्धिधारी मुनिराजों का पडगाहन हुआ,देवकी ने बड़े भक्ति – भाव से उनका आहार करवाया । लेकिन उसके हृदय में मुनिराजों के प्रति मातृत्व भी उमड़ने लगा। उन दो मुनिराजों के जाने के बाद मुनिराजों के दो और जोड़े एक-एक कर क्रम से आहार के लिए आये। देवकी ने उन मुनिराजों के दोनों जोड़ों को क्रमशः आहार कराया। लेकिन हर बार मुनिराजों के प्रति ममता की अनुभूति बढ़ती गई । तीसरे जोड़े के मुनिराजों को आहार कराते समय देवकी की छाती से दूध की धारा बह निकली।

देवकी के मन में 2 सवाल खड़े हो गए एक ही मुनिराज मेरे यहां तीन बार क्यों आए ? और मुनिराजों को देखकर मेरे अंदर मातृत्व क्यों उमड़ा ? देवकी ने दोनों सवालों का समाधान भगवान नेमिनाथ से पूछा – भगवान ने कहा कि देवकी ! एक ही मुनिराज तीन बार नहीं आए । तीनों बार तीन अलग-अलग युगल आए और छहों का रूप एक था क्योंकि छहों सगे भाई थे और सुनो देवकी ! यह जो मुनिराज थे , ये और कोई नहीं श्री कृष्ण के जन्म से पूर्व उत्पन्न हुए तुम्हारे ही छह पुत्र थे। अपने पुत्रों को जीवन में पहली बार मुनि के रूप में देखा उसी वजह से तुम्हारे ह्रदय में मातृत्व उमड़ पड़ा। मातृत्व इस संसार के पवित्र भावों में से एक है । मां अपने बच्चों से भले ही कितनी दूर क्यों ना हो , वह चाहकर भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाती । स्त्री की परिपूर्णता मातृत्व से ही होती है । बालक भले ही संसार की नजरों में कितना ही बड़ा क्यों ना हो जाए, पर मां का दृष्टिकोण हमेशा एक जैसे मातृत्व से ही ओत – प्रोत रहता है । आज के पुण्यार्जक परिवार भागचन्द जी गुहाटी वालों से कहा कि आपने जो यह विधान करवाया है वह आपके जीवन मे सुख शान्ति और समृद्धि प्रदायक रहेगा आप सब भी विधान में बैठकर धर्म लाभ लेकर पुण्य कोष भरें।
*राजाबाबू गोधा जैन महासभा मीडिया प्रवक्ता राजस्थान*
