सज्जन से प्राप्त संस्कारों से जीवन महकता है दुर्जन की संगति से जीवन का पतन होता है क्षुल्लक श्री उधम सागर महाराज

धर्म

सज्जन से प्राप्त संस्कारों से जीवन महकता है दुर्जन की संगति से जीवन का पतन होता है क्षुल्लक श्री उधम सागर महाराज
दमोह
चंदन की संगति छुटने के बाद भी खुशबू रहती है कोयला का साथ कालिक और बदबू देता है संसार में दो तरह के व्यक्ति हैं चंदन की तरह सज्जन और कोयले की तरह दुर्जन सज्जन से प्राप्त संस्कारों से जीवन महकता है दुर्जन की संगति से जीवन का पतन होता है पानी की बूंद नीम के पेड़ में जाती है तो कड़वी हो जाती है गने में जाती है तो मीठी हो जाती है मिट्टी में जाती है तो दलदल बन जाती है कमल के पत्ते पर जाती है तो शिप बन जाती है नाली में जाती है तो गंदा पानी बन जाती भगवान के मस्तक पर जाती है तो गंधोदक बन जाती प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक सच्चा मित्र बनाना चाहिए मित्र सभी के होते हैं किंतु सच्चा वही है जो सन्मार्ग में लगाए सज्जनों की संगति से अंजन चोर भी निरंजन बन जाते हैं अपने जीवन से पाप को धोना है तो एक अंतर मुहूर्त में भी पाप धुल सकते हैं उसकी विधि है कि गुरु के चरणों में प्रायश्चित करो गुरु के पास पवित्र बन के मत जाओ गुरु के समक्ष अपने पापों का प्रायश्चित कर पवित्र बनो गुरु महाराज हमारे पापों की धुलाई करते हैं जब अंजन चोर जैसा महापापी भगवान बन सकता है तो हम क्यों नहीं।

 

उपरोक्त विचार क्षुल्लक 105श्री उधम सागर जी महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव में चौथे दिन तप कल्याण के प्रातः काल अभिव्यक्त किया इसके पूर्व निर्यापक मुनि श्री अभय सागर जी महाराज के सत्संग मंगल सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य जयकुमार निशांत एवं पंडित अभिषेक आशीष जैन के निर्देशन में तप कल्याणक के प्रातः काल अभिषेक पूजन उपरांत शांति धारा संपन्न हुई शांति धारा करने का सौभाग्य राजेंद्र कुमार दीपक बमोरिया जिनेंद्र नितेश एवं मुन्नालाल डबोलिया परिवार को प्राप्त हुआ इस मौके पर महोत्सव में पधारे सांसद राहुल सिंह ने मुनि संघ चरणों में श्रीफल अर्पित किए आयोजन समिति की ओर से उनका चंदन श्रीफल और मोमेंट भेंट कर सम्मान किया गया उन्होंने कहा कि हिंडोरिया में रहने के कारण मैं कुंडलपुर के बड़े बाबा के काफी निकट रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है आप लोगों के स्नेह और प्यार से मुझे काफी प्रोत्साहन मिलता है मुनि श्री के आशीर्वाद से मुझे कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त होती है।

 

 

 

इसके बाद दोपहर में 1:00 बजे से तब कल्याण की क्रियाएं प्रारंभ हुई जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण सम्मिलित हुए महाराजा नाभीराय का दरबार सजा पानी ग्रहण संस्कार हुआ राजा अभिषेक का दृश्य दर्शाया गया राज्य संचालन की विधि दिखाई गई राजव्यवस्था मुकुटबद्ध राजाओं के द्वारा भेंट दी गई वंश स्थापना दर्शाया गया षट्कर्म उपदेश दिए गए ब्राह्मी सुंदरी का संवाद दिखाया गया नीलांजना नृत्य हुआ बैराग की उत्पत्ति हुई राज्य त्याग राजकुमार भारत और बाहुबली का राजतिलक हुआ लोकतांत्रिक देवों का आगमन हुआ दीक्षाभिषेक एवं वन गमन दिखाया गया 3:00 से मनुष्य के प्रवचन हुए दीक्षा विधि संस्कार हुए पीक्षी कमंडल का नामकरण हुआ रात्रि में महा आरती के बाद पाठशाला का कार्यक्रम हुआ इसके पूर्व रात्रि में तीर्थंकर बालक के पालन झूलाने का सौभाग्य अभय बनगांव परिवार को प्राप्त हुआ।

अगले दिन का कार्यक्रम
महोत्सव में 8 दिसंबर को ज्ञान कल्याणक मनाया जाएगा मीडिया प्रभारी सुनील वेजीटेरियन ने बताया कि 9:00 बजे मुनिश्री की दिव्य देशना होगी महामुनि की प्रथम आहारचर्या होगी पंचा आश्चर्य दिखाए जाएंगे 12:30 केवल ज्ञान की आंतरिक होगी जाप अनुष्ठान होगा दोपहर 3:00 से केवल ज्ञान की उत्पत्ति एवं समोसरण की रचना होगी दिव्य ध्वनि खिरेगी प्रश्न काल होगा ज्ञान कल्याण की पूजा होगी शांति विसर्जन होगा रात्रि में महा आरती एवं अन्य कार्यक्रम संपन्न होंगे।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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