पदमचंद राजमती पाटनी ने प्राप्त किया गुरु मां का मंगल आशीर्वाद
गुंसी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी (राज.) में विराजमान गणिनी आर्यिका रत्न 105 विज्ञाश्री माताजी ससंघ के दर्शनार्थ एवं आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु सी ई ओ जगदीश मीणा क्षेत्र पर पधारे । पदमचंद राजमती जी पाटनी विवेक विहार जयपुर वाले सालगिरह के अवसर पर पूज्य गुरु माँ का आशीर्वाद लेने पहुँचे ।
पूज्य माताजी ने सभी को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – सहनशीलता एक ऐसा सत्य है, जिससे प्राय: सभी लोगों को अपने जीवनकाल में रू-ब-रू होना पड़ता है।



सहनशील होना एक गुण है, जिससे जीवन का वास्तविक विकास होता है। आज हमारे जीवन में दुख और तनाव हावी हैं। इसका परिणाम यह है कि हम थोड़े से कष्टों से शीघ्र घबरा जाते हैं, क्रोधित हो जाते हैं। सहनशीलता का गुण अभ्यास से सीखा जा सकता है।


प्रत्येक कार्य करने की योजना एक सुनिश्चित ढंग से बनाने और उस पर अमल करने से ही सही दिशा में बदलाव संभव है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
