नेत्रदान हेतु डांगी परिवार को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया
रामगंजमडी
वह भाग्यशाली होता है जिसके शरीर का कोई भी अंग उसके मरणोपरांत भी काम आए ऐसा ही नेक कार्य किया रामगंजमंडी के डांगी परीवार ने-
गत तीन दिन पूर्व बाजार नंबर 1 निवासी पदमकुमार डांगी का निधन हो गया। तभी परिवार के वरिष्ठ सदस्य वर्धमान डांगी ने पदमकुमार डांगी की धर्मपत्नी श्रीमति प्रतिभा डांगी व पुत्र प्रखर डांगी व प्रतीक डांगी से सहमति ली साथ ही परिवार के वरिष्ठ जन ने इस नेक मुहिम में अपनी सहभगिता दी। यह कार्य भारत विकास परिषद व शाइन इडिया के सहयोग से संपन्न हो पाया।। इस हेतु डांगी परिवार को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।यह पत्र उनके सुपुत्र प्रतीक,प्रखर व डांगी परिवार के वरिष्ठ जनो ने लिया। यह सम्मान भारत विकास परिषद के संजय बिजावत, संजय पतीरा, संजय सतीजा,आशीष डागा, दिनेश डपकरा,पंकज सोनी द्वारा प्रदान किया गया।
हम सभी को भी इस मुहिम में अपना सहयोग देना चाहिए। यदि हमारे जाने के बाद हमारे नेत्रों से किसी को ज्योति मिले, वह दुनिया को देख सके, वही एक सर्वोत्तम दान है।
शाहीन इंडिया फाउंडेशन से मिली जानकारी अनुसार श्री पदम जी डांगी के दोनों नेत्र 2 व्यक्तिओ के लगाई जा चुकी है। जिनसे दो व्यक्तिओ को नेत्र ज्योति मिल गई है व वे इस सुंदर दुनिया को पदमजी की आंखों के माध्यम से देख सकेंगे।
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है
आज शोक निवारण में सभी ने ऐसे कार्य की अनंत अनुमोदना की
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
