परम पूज्य मुनिश्री अक्षय सागर महाराज संघ की मुनिश्री विनीत सागर महाराज एवं समस्त संघ द्वारा की गई मंगल अगवानी
खजुराहो
परम पूज्य मुनि श्री 108 अक्षय सागर महाराज एवं ऐलक श्री उपशम सागर जी महाराज का खजुराहो में मंगल आगमन हुआ । मंगल आगमन के पल काफी भावुक कर देने वाले थे।
जानकारी देते हुए सिद्धार्थ जैन बाबरिया ने बताया कि जब पूज्य मुनि श्री विनीत सागर जी महाराज एवम चंद्रप्रभ सागर महाराज संघ सहित महाराज श्री की आगवानी की तब के क्षण काफी भावविहल कर देने वाले थे। समस्त वातावरण जय जयकार से गूंज रहा था यह दृश्य विनय संपन्नता का एक अनुपम अलौकिक उदाहरण दे रहा था।
समस्त संघ ने महाराज श्री को नमोस्तु किया और उनकी परिक्रमा की । सचमुच ऐसे क्षण इतिहास के पन्नों पर अमिट एवम अक्षुण्ण हो गए। सचमुच आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने कलयुग में सदयुग जैसी शिष्यमंडली को तैयार किया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण परिलक्षित हुआ ।
इसके उपरांत पूज्य मुनि श्री अक्षय सागर महाराज आचार्य श्री समय सागर महाराज के दर्शन किए और उन्हें नमन किया। ऐसा लग रहा था कि महाराज श्री मन ही मन कह रहे हो गुरु तेरे चरणों में सर को झुका लिया है। जमी पर खड़े आसमां को पा लिया है गुरु तेरे चरणों में सर को झुका लिया है।






ज्ञात हो कि मुनिश्री का चातुर्मास मड़ावरा में संपन्न हुआ ।
जिसके तुरंत बाद 2 नवंबर को विहार हुआ जो कि लगभग 170 से 180 किमी के लगभग था जो मुनिश्री संसंघ ने 7-8 दिन में ही पूर्ण कर लिया । मुनिश्री संघ का पिच्छिका परिवर्तन मड़ावरा में नहीं हुआ, खजुराहो में आचार्यश्री संघ के साथ होने की संभावना है । और भी कुछ बड़ा हो सकता है जो अभी भविष्य की गर्भ में कैद है । क्योंकि जैसे आचार्य विद्यासागर, वैसे ही आचार्य समयसागर ।
सिद्धार्थ जैन बाबरिया से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
