सुधासागर जी राजस्थान के विद्यासागर के समान हो गए हैं मुनि श्री शाश्वत सागर महाराज
कोटा
अष्टानिका महापर्व के द्वितीय दिवस पर इंद्रध्वज महामंडल विधान की बेला में शनिवार को मंगल प्रवचन देते हुए पूज्य मुनि श्री 108 शाश्वत सागर महाराज ने निर्यापक श्रमण सुधा सागर महाराज के विषय में कहा कि राजस्थान समाज पर निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज के अनंत उपकार हैं।
उन्होंने उनके लिए राजस्थान के विद्यासागर कहते हुए कहा कि
सुधासागर जी राजस्थान के विद्यासागर महाराज के समान हो गए हैं। राजस्थान में अनेक जैन तीर्थों को महाराज श्री ने चमन कर दिया है। नई पीढ़ी को धर्म की राह पर लाने में वर्तमान समय में



सुधा सागर महाराज का सबसे अधिक योगदान है। बड़े बाबा के दर्शन कर मन प्रसन्नता से भर जाता है। ऐसे जिनबिंब सम्यक दर्शन का कारण बनते हैं। संसार के सुख-दुख मान्यता के हैं। असलियत में यह सुख-दुख है ही नहीं। आत्मा में अनंत शक्ति है। भगवान बनने की सामर्थ्य है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी मोबाइल, टीवी में व्यस्त है। जबकि धर्म में अनंत सामर्थ्य है। धर्म के माध्यम से केवल मनुष्य गति से ही यह जीव जन्म मरण के दुखों से मुक्ति पा सकता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
