25 जुलाई 2018 रामगंजमंडी के इतिहास में अविस्मरणीय रहेगी पूज्य मुनिश्री विनीत सागर महाराज एवं मुनिश्री चंद्रप्रभसागर महाराज का वर्षायोग हेतु हुआ था ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
रामगंजमंडी
लगता नहीं है कि इतने अमूल्य क्षणों को 6 वर्ष बीत गए हैं 25 जुलाई 2018 रामगंजमंडी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी।
जी हां लिखी भी जानी चाहिए यह क्षण था पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 विनीत सागर महाराज एवं मुनिश्री चंद्रप्रभसागर महाराज की मंगल प्रवेश के निश्चित रूप से आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की आशीष रामगंजमंडी नगर पर जमकर बरसी । यह मंगल आगमन रामगंजमंडी के इतिहास का स्वर्णिम मंगल आगमन वमंगल आगवानी कही जाएगी।
हर वर्ग गुरुदेव की जय जयकार करता दिखाई पड़ रहा था आचार्य श्री की जय मुनि द्वय की जय जैसे जय कारों का जयघोष सुनाई पड़ रहा था। निश्चित रूप से गुरुदेव ने महज 6 दिन में 190 किलोमीटर का बिहार का रामगंजमंडी नगर पर अपनी आशीष की छांव बरसाई

ऐसा लग रहा था जैसे संपूर्ण वातावरण विद्यासागर मय हो गया। जब मुनि द्वय के चरण कमल मंगल आगमन करते हुए हमारे आवास के पास आए तब गुरुदेव के चरणों का प्रक्षालन कर मेरी अखियां भर आई क्योंकि साक्षात चलते फिरते तीर्थ रामगंजमंडी नगर में पधारे निश्चित रूप से 2013 के बाद रामगंजमंडी नगर में यह चातुर्मास होने जा रहा था।

पूज्य श्री विनीत सागर महाराज ने सभी को एक संकल्प दिलाया कि पूरे चातुर्मास में सभी लोग नंगे पैर मंदिर आएंगे और वैसा ही सभी ने किया जो अपने आप में कीर्तिमान कहा जाएगा। जब पूज्य मुनि श्री विनीत सागर जी महाराज ने अपना मंगल प्रवचन दिया तब उन्होंने कहा कि यह चातुर्मास आचार्य श्री की आशीष तो है लेकिन यह चातुर्मास भक्ति का चातुर्मास है आप सभी इसमें लाभ लें। आज भी वह क्षण देख मेरी स्मृति में आ जाते हैं तो मन में खुशी का संचार हो जाता है यही भावना भाता हूं कि ऐसे क्षण नगर में होते रहे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
