आचार्य पदप्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव का पूरे वर्ष के लिए शुभारंभ तीन दिवसीय कार्यक्रम का हुआ समापन
पारसोला। पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 58 से अधिक साधुओं सहित पर पारसोला में विराजित है। राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म देशना में बताया कि वर्तमान में उद्योगपति भौतिक संपदा एकत्र करते हैं, किंतु आचार्य शांति सागर जी महाराज आध्यात्मिक उद्योगपति थे उन्होंने स्वाध्याय और धर्म की संपदा एकत्र कर जनसाधारण के कल्याण हेतु उपदेश के माध्यम से वितरित की। आचार्य श्री ने श्रावकों को आचार्य श्री के मुलगुण 36 अनुसार एकासन करने की प्रेरणा दी और हो सके तो श्रावकों को साधुओं के आहार के बाद भोजन करना चाहिए।प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का तीन दिवसीय आचार्य पद शताब्दी महोत्सव का समापन भट्टारक बहुमान कर्नाटक और समडोली से पधारे आचार्य श्री के ग्रहस्थ अवस्था के परिजनों और पुण्यार्जक परिवारों का अभिनंदन हुआ। प्रातः काल श्री जी के पंचामृत अभिषेक के पश्चात दक्षिण भारत से पधारे चारुकीर्ति स्वामी,मूडबद्री स्वामी,भानु कीर्ति स्वामी, लक्ष्मीसेनस्वामी,जिनसेन स्वामी और श्रवणबेलगोला के भट्टारक स्वामी चारु कीर्ति जी ने आचार्य शांति सागर जी के प्रति अपने शब्द सुमन अर्पित कर उनके गुणानुवाद किया समाज द्वारा सभी का बहुमान किया कार्यक्रम के शुभारंभ में पूर्वाचार्यों के चित्रों का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन सौभाग्यशाली पारस पाटनी इचलकंरजी राजेश द्वारा किया गया। आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट की गई ।आचार्य श्री की प्रवचन के पूर्व बाहर से पधारे अतिथियों संघस्थ साधुओं आर्यिका श्री दिव्ययश मती ,आ श्री प्रमोद मति आ श्री देशना मति , मुनिश्री मुदित सागर, मुनिश्री मुमुक्षु सागर ने अपने भावांजलि प्रस्तुत की। आर्यिका दिव्ययश मति अनुसार आचार्य शांति सागर जी कुशाग्र बुद्धि, साम्य बुद्धि, सरलता ,विचक्षण नर परीक्षण सैद्धांतिक बुद्धि आदि के ज्ञाता रहे हैं।इस प्रकार आचार्य श्री शान्तिसागर के प्रति अपने भावांजलि प्रस्तुत की।तीन दिवसीय कार्यक्रम कै विभिन्न सौभाग्यशाली परिवारों तथा पूजन सामग्री प्रदायक श्रीमती मणी देवी जय कांरवा उदयपुर का स्थानीय समाज और आयोजन समिति द्वारा बहुमान स्वागत अभिनंदन कर प्रतीक चिन्ह भेंट किए गएराजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
