तुम जब तक अपने जीवन में मान, अपमान, सम्मान की झूठी परत नहीं हटाओगे, तब तक मार्दव भाव नही जगेगा पूर्णमति माताजी
ग्वालियर
पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मंदिरों में विशेष पूजा चुनाव हुई। आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी ने उत्तम मार्दव धर्म पर प्रकाश डाला।
माताजी ने कहा कि 10 लक्षण पर्व के दूसरे दिन मार्दव धर्म मनाते है, लेकिन संस्कारी कल में जन्म लेने के बाद भी बहुत से श्रावक मार्दव धर्म के अर्थ महत्व व वर्तमान परिस्थितियों में
इसकी प्रासंगिकता से अभिज्ञा ही रहते हैं। दैनिक जीवन वह व्यवहार में मृदुता का भाव अपनाना ही मार्दव धर्म है।





तुम जब तक अपने जीवन से मान, अपमान, सम्मान की झूठी परत नहीं हटाओगे, तब तक मार्दव भाव नहीं जगेगा। मार्दव धर्म वह बुहारी है, जिससे आत्मा स्वच्छ हो जाती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
