पारसोला नगर बन गया है यहां पर आज न केवल राजस्थान अपितु मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ से हजारों भक्तों के कारण तीन दिनों यह शांति नगर बन गया है वर्धमान सागर महाराज
पारसोला। 
पारसोला अब नगर बन गया है यहां पर आज न केवल राजस्थान अपितु मध्य प्रदेश, कर्नाटक महाराष्ट्र, गुजरात ,दिल्ली, गुजरात उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ हजारों भक्तों कारण पारसोला तीन दिनों शांति नगर बन गया है। धर्म सभा में धर्म देशना में आचार्य वर्धमान सागर ने बताया के साथ गुरु शास्त्र गुरु की भक्ति से जीवन मंगलमय होता है। भक्ति में शक्ति होती है जो जीवन को सही मार्ग प्रदर्शित करतें हैं। आचार्य शांति सागर जी ने दक्षिण से उत्तर भारत बिहार कर धर्म प्रभावना की । आचार्य श्री प्रतापगढ़ की और बिहार के समय पारसोला भी आयें आचार्य श्री के जीवन चारित्र को जीवन में अपनाना चाहिए। आप सभी का सौभाग्य है कि आचार्य श्री द्वारा जो उपकरण संयम जीवन में उपयोग किए उनके आपको दर्शन करने का अवसर पुण्योदय से मिला हें।श्री वर्धमान सागर जी के प्रवचन के पूर्व राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दत्त ने संबोधित किया।पारसोला का पुण्य प्रबल है जहां पर प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव उनकी परंपरा के पंचम पट्टाघीश वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में आगामी माह में राष्ट्रीय स्तर का 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तीन दिवसीय कार्यक्रम मनाया जावेगा। अनेकों जिनालयों और अनेकों संतों की जन्मस्थली इस नगरी में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सहित 50 से अधिक साधुओं की पावन उपस्थिति में तीन दिवसीय कार्यक्रम अंतर्गत प्रतिष्ठा आचार्य हसमुख जी शास्त्री के निर्देशन में दिनांक 13 अक्टूबर को प्रातः शोभा यात्रा ,घटयात्रा भूमि शुद्धि 108 से अधिक कन्याओं द्वारा की गई।, राजस्थान राज्य के प्रसिद्ध भामाशाह अशोक जी , सुरेश जी ,विमल जी पाटनी आर के मार्बल ग्रुप किशनगढ़ द्वारा किया ध्वजारोहण किया गया।,
मंडप उद्घाटन अहमदाबाद के सौभाग्यमल श्रीमती नीलम राजेंद्र कटारिया परिवार, मंगल कलश स्थापना श्रीमती वाणी विपीन तथा पूर्वाचार्यों के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन श्रीमती आनंदीबेन किरीट कोठारी अहमदाबाद द्वारा किया गया। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की प्रतिमा का अनावरण और लोकार्पण पुण्यार्जक परिवार द्वारा किया गया। ऋषभ पचोरी जयंतीलाल कोठारी प्रवीण जैन अनुसारआचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के प्रवचन के पूर्व आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन अनिल सेठी बैंगलोर ने तथा संजय दीवान सूरतने जिनवाणी भेंट की ।आचार्य श्री शान्तिसागर जी के संयम उपकरण का अनावरण संजय पुनीत पापड़ीवाल किशनगढ़ ने
किया। सभा में अशौक पाटनी किशनगढ़,ऋषभ पचोरी ने विचार रखें। आचार्य श्री की चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन निर्मल, शांति, सुबोध छाबड़ा राजनांदगांव ने किया। श्रमण क्षितिज पुस्तक का विमोचन अतिथियों ने किया।दोपहर को आचार्य शांति सागर जी की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक तथा 108 द्रव्यों से महाअर्चना और आचार्य शांति सागर विधान की पूजन शताधिक इंद्रो सहित राजेश बी शाह अहमदाबाद सौधर्म इन्द्र द्वारा की गई। राजेश पंचोलिया अनुसार विन्यांजलि सभा के बाद रात्रि को बड़वाह के संजय महाजन पार्टी के द्वारा आचार्य शांति सागर गौरव गाथा का मंचन किया गया।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
