दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पिच्छी और कमंडल है वर्धमान सागर महाराज

दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पिच्छी और कमंडल है वर्धमान सागर महाराज पारसोला दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पीछी और कमंडल है। यह जिन मुद्रा एवं करुणा का प्रतीक है, पीछी और कमंडल साधु के स्वालंबन के दो हाथ है इनके बिना अहिंसा मय महाव्रत का पालन नहीं हो सकता आदान निक्षेपण समिति […]

Read More

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने आचार्य पद स्थली पारसोला में दी रत्नत्रय के प्रतीक तीसरी बार दी दीक्षा ब्रह्म प्रेम बने मुनि विवर्जित सागर जी

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी ने आचार्य पद स्थली पारसोला में दी रत्नत्रय के प्रतीक तीसरी बार दी दीक्षा ब्रह्म प्रेम बने मुनि विवर्जित सागर जी पारसोला प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागरजी की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परम्परा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी वर्ष 2024 का […]

Read More

संत पावर हाउस हैं इनसे धर्म के संस्कार रूपी ऊर्जा मिलती है। गुलाबचंद कटारिया।

संत पावर हाउस हैं इनसे धर्म के संस्कार रूपी ऊर्जा मिलती है। गुलाबचंद कटारिया।पारसोला।हम भाग्यशाली हैं यह संत समागम हमें मिल रहा है आचार्य वर्धमान सागर जी अपने चर्या को कठोर रूप से वर्तमान में निभा रहे हैं । संत पावर हाउस है इनसे धर्म और संस्कार रूपी ऊर्जा हमें मिलती है ।मेरा पुण्य है […]

Read More

पारसोला नगर बन गया है यहां पर आज न केवल राजस्थान अपितु मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ से हजारों भक्तों के कारण तीन दिनों यह शांति नगर बन गया है वर्धमान सागर महाराज

पारसोला नगर बन गया है यहां पर आज न केवल राजस्थान अपितु मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ से हजारों भक्तों के कारण तीन दिनों यह शांति नगर बन गया है वर्धमान सागर महाराज पारसोला। पारसोला अब नगर बन गया है यहां पर आज न केवल राजस्थान अपितु […]

Read More

जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर

जीवन की सार्थकता खड़े होकर निकलने से है आडे होकर निकलना मृत्यु अर्थी का प्रतीक है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला। आज प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के संयम उपकरण सिंहासन, पीछी, कमंडल शास्त्र का नगर में आचार्य वर्धमान सागर जी के सानिध्य में भव्य मंगल प्रवेश हुआ संपूर्ण समाज द्वारा निर्धारित गणवेश […]

Read More

स्वाध्याय से धर्म को समझा जाता है धर्म ही शरण है धर्म से, स्वाध्याय से ज्ञान में वृद्धि होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

स्वाध्याय से धर्म को समझा जाता है धर्म ही शरण है धर्म से, स्वाध्याय से ज्ञान में वृद्धि होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज सन्मति भवन में विराजित है आज आयोजित धर्म सभा में आचार्य श्री ने अपनी देशना में बताया कि 19,20 और 21वीं सदी प्रथमाचार्य […]

Read More

16 पहाड़ों से घिरी नगरी पारसोला का पुण्य प्रबल है

16 पहाड़ों से घिरी नगरी पारसोला का पुण्य प्रबल है जहां पर प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज का आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव उनकी परंपरा के पंचम पट्टाघीश वात्सलय वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में पारसोला जैन समाज और वर्षायोग समिति द्वारा आगामी माह में राष्ट्रीय स्तर का 13 […]

Read More

कषायो को व्रत उपवास से क्रश करने पर ही संलेखना सफल होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

कषायो को व्रत उपवास से क्रश करने पर ही संलेखना सफल होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 34 साधुओं सहित पारसोला नगर में वर्षायोग हेतु विराजित हैं ।आज की धर्म सभा में उपदेश में आचार्य श्री ने बताया कि आत्महत्या करना पाप है ,आजकल छोटी-मोटी बातों […]

Read More