रतन टाटा में जितना ज्यादा पैसा था उतनी ज्यादा उदारता थी अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज
कुलचारम हैदराबाद
अंतरमना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में रतन टाटा के विषय में बताया एवं उन्होंने कहा कि इंसान को दूर करने वाली दो ही चीज हैं पैसा और जुबान
उन्होंने इसे विस्तार से समझाते हुए बताया किइन्सान से इन्सान को दूर करने वाली दो ही चीज है..पैसा और जुबान..! रतन टाटा
के विषय में उन्होंने कहा कि रतन टाटा इसके अपवाद थे। जितना पैसा था उससे ज्यादा उदारता थी। वाणी व्यवहार के कुशल शिल्पी थे।
महाराज श्री ने रतन टाटा से जुड़ा एक संस्मरण भी सुनाया और बताया कि रतन टाटा से किसी ने पूछा – आपको जीवन में सबसे ज्यादा खुशी कब और किस चीज में मिली-? उन्होंने कहा*-

अपार धन दौलत कमाने से वो सुख नहीं मिला, महलनुमा घर होने पर भी वो सुख नहीं मिला, उद्योग जगत में खूब नाम कमाने से भी वह सुख नहीं मिला, जो सुख मुझे 200 बच्चों को व्हीलचेयर देने से मिला। मेरे मित्र ने कहा – सर 200 व्हीलचेयर खरीदना है – मैने तुरंत 200 व्हीलचेयर खरीद ली। दोस्त ने कहा – सर आप भी साथ चलें। मैं उनके साथ चल दिया। वहां जाकर देखा – सभी बच्चे अपंग है। सभी बच्चों को हमने अपने हाथ से एक एक व्हीलचेयर दी। बच्चों के चेहरे पर जो खुशी, आनंद देखा वह अद्भुत और अकल्पनीय था। जब बच्चे व्हीलचेयर पर बैठकर घूम रहे थे, मस्ती कर रहे थे,, यह सब देखकर ऐसा लगा कि बच्चे जैसे किसी पिकनिक स्पॉट पर घूम रहे हो। हमें अपने जीवन की सबसे ज्यादा खुशी तब मिली। जब मैं वहां से लौटने लगा, तो कुछ बच्चों ने मेरे पैर पकड़ लिये, मैंने कहा – बच्चों, और कुछ चाहिए क्या आप लोगों को-? बच्चों ने जो जवाब दिया, वो सुनकर मेरी रूह कांप गई। बच्चों के जबाब ने मेरा दृष्टिकोण बदल दिया। बच्चों ने कहा – सर मैं आपका चेहरा याद रखना चाहता हूं, ताकि जब मैं आपसे स्वर्ग में मिलूं तो आपको पहचान सकूं और धन्यवाद दे सकूं।
महाराज जी ने इसका भावार्थ समझते हुए कहा कि कहने का मतलब यह है कि – अपने अन्तर्मन में झाँकना चाहिए और यह मनन अवश्य करना चाहिए – आपको किस चीज के लिए याद किया जायेगा-? क्या कोई आपका चेहरा फिर से देखना और याद रखना चाहेगा-?* नियति का अकाट्य नियम है – जो आया है उसे जाना पड़ेगा। जो जन्मा है उसे मरना भी पड़ेगा।
रतन टाटा*ने –
-सुई से लेकर एयर इण्डिया के हवाई जहाज तक, नमक से लेकर आटा तक,ऑटो से लेकर ट्रक तक,चाय से लेकर – स्टार बक्स कॉफी तक, नैनो से लेकर – RANGE ROVER की कार तक,पंखो से लेकर – VOLTAS की AC तक..सब कुछ रतन टाटा की देन है।
, जो हर घर परिवार समाज और देश का प्रत्येक भारतीय उपयोग कर रहा है। रतन टाटा की सादगी, उनका देश और राष्ट्र के लिए योगदान, प्रशन्सनीय और अनुकरणीय है।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
