रतन टाटा में जितना ज्यादा पैसा था उतनी ज्यादा उदारता थी अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज

रतन टाटा में जितना ज्यादा पैसा था उतनी ज्यादा उदारता थी अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज कुलचारम हैदराबाद अंतरमना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में रतन टाटा के विषय में बताया एवं उन्होंने कहा कि इंसान को दूर करने वाली दो ही चीज हैं पैसा और जुबान   उन्होंने इसे विस्तार से समझाते […]

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कोई भी खाली नहीं इस दुनिया में, सब गले तक भरे बैठे हैं..कोई प्रेम से भरा है……कोई घृणा से, वैमनस्यता से,कोई यादों के झरोखे से……तो कोई स्वयं के कारणों से..!*अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज

कोई भी खाली नहीं इस दुनिया में, सब गले तक भरे बैठे हैं..कोई प्रेम से भरा है……कोई घृणा से, वैमनस्यता से,कोई यादों के झरोखे से……तो कोई स्वयं के कारणों से..!*अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज कुलचाराम हैदराबाद अंतरमना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने अपनी वाणी से कृतार्थ करते हुए कहा कि कोई भी खाली […]

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