सुधासागर महाराज के चरणो काव्य रचना कवि सौरभ भयंकर चंदेरी द्वारा
जिनकी दहाड़ सिंह सरीखी, कड़वा सच जो कहते हैं
मगर गुरु की शरण मिले तो बालक बनकर रहते हैं
विद्या गुरु के सुधा सिंधु के हम सब गुण को गाते हैं
जो गुरुवर को ध्याते हैं वह गुरुवर के हो जाते है।
कवि सौरभ जैन भयंकर चंदेरी 9981082655
