जिंदगी को बंदगी में बदलना ही जिंदगी है जिंदगी को चाहो तो निंदनीय बना दो और अगर चाहो तो वंदनीय बना दो सुधासागर महाराज हम सभी का सौभाग्य है कि मुनि श्री के सानिध्य में सामूहिक क्षमा वाणी में एकत्रित हुए हैं विधायक शैलेंद्रजैन

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जिंदगी को बंदगी में बदलना ही जिंदगी है जिंदगी को चाहो तो निंदनीय बना दो और अगर चाहो तो वंदनीय बना दो सुधासागर महाराज हम सभी का सौभाग्य है कि मुनि श्री के सानिध्य में सामूहिक क्षमा वाणी में एकत्रित हुए हैं विधायक शैलेंद्रजैन
सागर
सकल दिगंबर जैन समाज की क्षमावाणी सामूहिक रूप से भाग्योदय तीर्थ परिसर में रविवार की बेला में निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज सानिध्य में संपन्न हुई। इस कार्यक्रम का आयोजक नगर के विधायक शैलेंद्र जैन रहे आयोजन का शुभारंभ विधायक शैलेंद्र जैन, व अनुश्री जैन ने बड़े बाबा एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के समक्ष चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।

 

 

 

क्षमा के महत्व को बताते हुए पूज्य मुनि श्री ने कहा कि जिंदगी को बंदगी में बदलना ही जिंदगी है जिंदगी को चाहो तो निंदनीय बना दो और अगर चाहो तो वंदनीय बना दो सभी कुछ व्यक्ति के व्यक्तित्व पर निर्भर करता है। यदि हमारे घर कोई आया है और हमने उनके लिए भोजन आदि बनाया तो यह हमारा कार्य है। लेकिन आने वाले का कोई पता नहीं तब भी हमें भोजन बनाना चाहिए यही दान कहा जाता है।

उन्होंने समाज के नेता को, और घर के नेता को सीख देते हुए प्रेरित करते हुए कहा कि समाज के नेता को, घर के नेता को साल भर में एक बार किसी धार्मिक स्थान पर उनसे जुड़े हुए सदस्यों का सम्मेलन अवश्य करना चाहिए। धार्मिक आयोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं क्षमावाणी में नहीं बैठता हूं, लेकिन जब विधायक जैन ने मुझे क्षमावाणी का आग्रह किया तो मैने तुरंत सहमति दे दी। क्योंकि हमारे बीच किसी नेता ने धार्मिक कार्यक्रम और इसका नेतृत्व करने का कार्य किया। महाराज श्री ने विधायक जैन की तारीफ करते हुए कहा कि मैं उनका साधुवाद देता हूं उन्होंने कहां की क्षमा दिवस को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्व मनाने की जो बात आई है उसे होना चाहिए इससे पूरे विश्व को प्रेरणा मिलेगी। मेरा पुण्य मेरी साधना यदि मेरे और मेरे परिवार के काम आए यह कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन यदि मेरा पुण्य और मेरी साधना किसी दूसरे के काम आ सके तभी उसकी सफलता है तभी आपका पुण्य आपकी साधना सार्थक है।

 

विधायक शैलेंद्र जैन ने अपने उद्बोधन में कहा की हम सभी का सौभाग्य है कि मुनि श्री के सानिध्य सामूहिक क्षमा वाणी में एकत्रित हुए हैं। सभी से क्षमा याचना करते हुए श्री जैन ने कहा कि मैं एक जन्म प्रतिनिधि हूं, और सार्वजनिक जीवन में कार्य कर रहा हूं, गलतियां होना स्वाभाविक है। कई बार सभी के कार्य करने का प्रयास करता हूं परंतु सभी के कार्य करना संभव नहीं हो पाता है, इसीलिए जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगता हूं।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के विषय में बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जैन कल्याण बोर्ड की स्थापना हम सभी के लिए गौरव का विषय है, मैने मुख्यमंत्री को मुनि श्री के बारे में बताया और उन्हें भाग्योदय तीर्थ में आमंत्रित किया है। वे 27 सितंबर को मुनि श्री के दर्शन हेतु अवश्य आएंगे।

क्षमा के विषय में विस्तृत रूप से बोलते हुए श्री जैन ने कहा की क्षमा भाव की जितनी आवश्यकता विश्व को है उतनी भारत को नहीं है। संयुक्त राष्ट्र संघ में जिस तरह योग दिवस को मान्यता दी गई है उसी तरह अहिंसा दिवस या क्षमा दिवस की घोषणा की जाए तो यह पूरे विश्व के लिए वरदान साबित होगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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