गोलाकोट तीर्थ एक बार फिर जैन धर्म की संयम, आस्था, साधना, संयम का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। मुनि श्री सुधासागर महाराज सानिध्य में होने जा रहे महामहोत्सव के महापात्रों का चयन आज

धर्म

गोलाकोट तीर्थ एक बार फिर जैन धर्म की संयम, आस्था, साधना, संयम का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। मुनि श्री सुधासागर महाराज सानिध्य में होने जा रहे महामहोत्सव के महापात्रों का चयन आज

खनियांधाना

खनियांधाना तीर्थोदय अतिशय क्षेत्र गोलाकोट एक बार फिर जैन धर्म की आस्था, साधना और संयम का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। आगामी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पावन श्रृंखला में 4 जनवरी को महामहोत्सव के सौभाग्यशाली महापात्रोंका चयन किया जाएगा। यह कार्यक्रम परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधासागर ससंघ के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा।

 

 

इससे आयोजन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। जैन परंपरा में पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान महापात्रों  की भूमिका अत्यंत विशिष्ट मानी जाती है। चयनित महापात्र भगवान जिनेंद्र के जन्म,में दीक्षा, तप, केवलज्ञान और निर्वाण जैसे पंच कल्याणक आयोजनों में सहभागीबनते हैं। ऐसा अवसर जीवन में विरले को ही प्राप्त होता है। इसे बड़े पुण्य का फल माना जाता है।

 

 

इस महापात्र चयन कार्यक्रम में। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गोलाकोट पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर तीर्थोदय गोलाकोट-पचराई ट्रस्ट द्वारा आवास,  भोजन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम।   रूप दिया जा रहा है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने समस्त जैन समाज और धर्मप्रेमी। श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ लें।

 

 महाराज श्री के सान्निध्य में होने वाले प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा तीर्थ क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा।

     संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *