मुनि श्री विमल सागर महाराज की पांच उपवास की तप साधना पूर्ण पुण्य आत्मा का हमेशा सम्मान करो मुनि श्री विमल सागरमहाराज
खिमलासा
आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के परम विशेष मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज ने 10 लक्षण पर्व की बेला में पांच उपवास की तप साधना पूर्ण उपरांत सुगंध दशमी की पावन बेला पर महाराज श्री का पारणा हुआ। जिसका सौभाग्य कमल कुमार, पुष्पा जैन, दिवस जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
महाराज श्री ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि पुण्य आत्मा पुरुषों और धर्म की महिमा निराली है, पुण्य आत्मा का हमेशा सम्मान करो। जो अतिथि सत्कार करते हैं वह विशेष पुण्य का संचय करते हैं। ज्यादा हार्ड वर्क नहीं स्मार्ट वर्क करिए। जितना हो सके पुण्य का संचय करो, अपने आप को धर्म के लिए ओत प्रोत कर दो।








जिसके साथ भगवान होते हैं उसको डर नहीं लगता है। धर्म की प्रभावना के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। जिस घर से पुण्य आत्मा पुरुष निकल जाता है उसे घर की दशा खराब हो जाती है। उसकी वजह से फलते-फूलते हैं। संयम का मार्ग कठिन है, संयम से सबका सरताज बनता है आदमी। संयम से महाराज जिनराज बनता है आदमी। यहां आनंद ही आनंद होता है। प्रभु और गुरु कृपा से सब कुछ मिल जाता है। यह संयम दुर्लभ है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
