संयम धारण करके आचार्य विद्यासागर ने पूरे विश्व में जैन धर्म की पताका पहराई है भावासागर महाराज
खिमलासा
10 लक्षण पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म पर बोलते हुए पूज्य मुनि श्री 108 भावसागार महाराज ने कहा की जो उपवास कर रहे हैं उनकी सेवा जरूर करे, यह भगवान बनने का कारण है।
महाराज श्री ने कहा कि संयम धारण करके आचार्य विद्यासागर ने पूरे विश्व में जैन धर्म की पताका पहराई है। उन्होंने इस बात पर







भी जोर दिया कि युवाओं को धार्मिक आयोजन और गौशाला की कमान सौपे पाठशाला में पढ़ने वाले संयम धारण करते हैं। जो प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, विधान, अनुष्ठान करते हैं वह महा सौभाग्यशाली होते हैं। जो अष्टमी चतुर्दशी एवं अन्य व्रत के उपवास करते हैं वह भी सौभाग्यशाली होते हैं। जैन धर्म में तलवार की धार पर चलने वाला है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
