मुनिश्री सविज्ञसागर महाराज के आज निर्जला 23 उपवास पूर्ण
नैनवा
नैनवा जिला बूंदी राजस्थान नैनवा वर्षायोग रत चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री 108सुनील सागर महाराज परम तपस्वी शिष्य मुनि श्री सविज्ञसागर महाराज ने उत्कृष्ट तप साधना करते हुए आज निर्जला 23 उपवास पूर्ण किए।
यह बहुत ही अनुपम सहयोग एवं प्रेरणाप्रसाद उदाहरण कहा जाएगा की त्याग तपस्वी की प्रेरणा लेकर और भी लोग तपस्या की ओर अग्रसर होते हैं ऐसे में उन्हीं से प्रेरणा लेकर परम भक्त महावीर जैन सरावगी जैन गजट संवाददाता जो एक वरिष्ठ पत्रकार हैं और धर्मनिष्ट व्यक्तित्व हैं। ने आज चौथा उपवास पूर्ण किया है। उनके आगे भी आगे भी तपस्याजारी रहने की संभावना है।

तपस्या का प्रभाव बहुत गहरा होता है और तपस्या के विषय में कहा जाता है कि तपकर ही सोना बनता है। वैसे ही हमारे दिगंबर संत हैं। यही सभी को भावना भानी चाहिए किसाधना के रास्ते कामना के वास्ते मुक्ति की मंजिल मिले शांति के पथ चिन्ह मिले चल दे राही चल
सभी नैनवा में महाराज श्री के तप साधना को देखने एवं उनकी तपस्या को देख अत्यंत गदगद एवं हर्षित है की पंचम युग में भी ऐसे तप साधक हमें देखने को मिल रहे हैं। भक्त उनकी एक झलक पाने को आतुर दिखाई पड़ रहे हैं। और उनकी तपस्या की अनंत अनुमोदन कर रहे हैं।

जैन ही नहीं अपितु सभी वर्ग के
लोग भी तप साधना को नमन करने मुनि के दर्शन करने हेतु एक झलक पाने शांति वीर धर्मस्थल पहुंच रहे हैं।






निश्चित रूप से पहली बार नैनवा में ऐसा वर्षा योग हुआ है जिसमें दूर-दूर के गांव के लोग दर्शनार्थ नैनवां पहुंच रहे हैं। अगर नैनवा के इतिहास पर नजर डाली जाए तो नैनवा महान संत की जन्म भूमि रही है नैनवा के नजदीक गंभीरा आचार्य श्री धर्म सागर महाराज का अवतरण हुआ था। धन्य है। नैनवा की पावन भूमि।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
