पूज्य मुनि श्री 108 विनीत साग़र महाराज द्वारा गुरु गुणानुवाद
संसार मे पत्थर तो बहुत है
चमकता है कोई कोई
संसार में फूल तो बहुत है
महकता है कोई कोई
संसार मे इंसान तो बहुत है
लेकिन भगवान बनता है कोई कोई
संसार में सन्त तो बहुत है
लेकिन अध्यात्म विद्या में जीने वाला
और अपने शिष्यों को अध्यात्म विद्या प्रदान करने वाला
विद्यासागर होता है कोई कोई
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
