राजस्थान सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने लिया राष्ट्र संत भारत गौरव आचार्य पुलक सागर महाराज का आशीष
ऋषभदेव केसरिया जी
परम पूज्य भारत गौरव राष्ट्र संत आचार्य श्री पुलक सागर महाराज का वर्षा योग ऋषभदेव केसरिया जी में चल रहा है एवं ज्ञान गंगा महोत्सव के अंतर्गत अमृतवाणी से पूज्य गुरुदेव कृतार्थ कर रहे हैं
आज की अनुपम बेला में राजस्थान सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती बसुंधरा राजे ने पहुंचकर आचार्य श्री का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया एवं उनकी वाणी को सुना इस अवसर पर उनका अभिनंदन भी किया गया एवं उन्हें आचार्य श्री पुलक सागर महाराज की तस्वीर प्रदान की गई।

इस अवसर पर श्रीमती राजे ने कहा कि जैन धर्म का मूल सिद्धांत है हिंसा रहित जीवन, लेकिन हिंसा की परिभाषा सिर्फ़ हथियार से हिंसा करना या किसी को मारना-पीटना ही नहीं। किसी का दिल दुखाना, किसी का दिल तोड़ना, किसी की आत्मा को सताना भी है। राजनीति में सबसे बड़ी धन दौलत जनता का प्यार है, जो मुझे निरंतर मिल रहा है।







उन्होंने कहा की जैन धर्म का सिद्धांत जीओ और जीने दो है, लेकिन कई लोगों ने इसे उलट दिया है। जीओ और जीने मत दो। यानी ख़ुद तो जीओ, लेकिन दूसरों को जीने मत दो। ऐसा करने वाले भले ही थोड़े समय खुश हो जाये, पर वे हमेशा सुखी नहीं रह सकते। क्योंकि जैसा बोओगे-वैसा काटोगे।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को आगे बढ़ाते हुए, मैं सभी से आह्वान करती हूँ कि भारत के विकास में अपना योगदान दें और साथ मिलकर देश हित की भावना से आगे बढ़ें।

एक काव्य रचना के माध्यम से कहा
काश ऐसी बारिश आये,
जिसमें अहम डूब जाए,
मतभेद के किले ढह जाएं,
घमंड चूर-चूर हो जाए,
गुस्से के पहाड़ पिघल जाए,
नफरत हमेशा के लिए दफ़न हो जाये और सब के सब,
मैं से हम हो जाएं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
