रक्षाबंधन पर्व शिक्षा देता है की परिवार, देश, प्रकृति, संस्कार, धर्म एवं धर्मात्मा की रक्षा करो भावसागर महाराज

धर्म

रक्षाबंधन पर्व शिक्षा देता है की परिवार, देश, प्रकृति, संस्कार, धर्म एवं धर्मात्मा की रक्षा करो भावसागर महाराज
खिमलासा
परम पूज्य मुनिश्री 108 भावसागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा की रक्षाबंधन महापर्व पर गरीबों के लिए वस्त्र, मिठाई, औषधि आवश्यक सामग्री प्रदान करें, जिससे वह भी पर्व मना सके।

 

 

महाराज श्री ने कहा कि गौशाला में गायों को गोग्रास प्रदान करे और गायों की रक्षा का संकल्प लें। रक्षाबंधन पर्व त्योहार में अपना विशिष्ट स्थान रखता है। दुनिया के सभी प्राणियों में प्रेम वात्सल्य का संदेश देने वाला यह पर्व भारतीय संस्कृति में घर-घर और मन में जुड़ा हुआ है। ऐतिहासिक, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों का प्रेरणादाई है। रक्षाबंधन भाई बहन में प्रेम वात्सल्य के प्रतीक रक्षा सूत्र से जुड़ा हुआ है। यह पर्व हमारे लिए प्रकाश देते हैं, प्रेरणा देते हैं, पर्व का अर्थ ही है की जो किसी से जोड़ दे, पर्व हमें संस्कृति से जोड़ते हैं। धार्मिक और पारंपरिक परंपराओं से जोड़ते हैं।

 

उन्होंने अंत में कहा कि रक्षाबंधन पर्व शिक्षा देता है कि परिवार,देश, प्रकृति, संस्कृति, संस्कार धर्म एवं धर्मात्मा की रक्षा करो। रक्षाबंधन पर्व के अंतर्गत 2 दिन का रक्षाबंधन महापर्व विधान होगा रक्षाबंधन पर्व पर राखी सजाओ प्रतियोगित भी आयोजित की गई है।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *