चल चरखा प्रदर्शनी के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत का दिया संदेश
अशोक नगर-
-संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा से भारत अभियान के तहत के तहत आज प्रतिभा स्थली डोंगरगढ़ से चलित प्रदर्शनी चल का प्रदर्शन सुभाषगंज मैदान में किया गया इस दौरान इसके पहले सुभाष गंज मन्दिर में जैन युवा वर्ग के संरक्षकशैलेन्द्र श्रागर के मंत्रोच्चार के साथ जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा के साथ अभिषेक किया गया जिसका सौभाग्य उपस्थित भक्तों ने प्राप्त किया इस दौरान शैलेन्द्र श्रागर ने कहा कि आचार्य श्री की प्रेरणा से अशोक नगर में हथकरघा संचालित है और आज हमारे बीच डोंगरगढ़ से चल चरखा चलित प्रदर्शनी आई है जिसका हम सब अवलोकन कर सकेंगे।
इस दौरान प्रतिभा स्थली से पधारी रितु दीदी ने कहा कि आचार्य श्री की प्रेरणा से भारत वर्ष में अनेक हथकरघा संचालित किए जा रहे हैं आपके नगर में भी एक इकाई चल रही है देश की विभिन्न संस्कृतियों को वस्त्रो में सजाकर एक पूरी श्रृंखला तैयार कर इस प्रदर्शनी में लाई गई है।

रैडीऐशन को रोकती है गोबर से बनी वस्तुएं
इस दौरान मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि चल चरखा प्रदर्शनी में हस्तशिल्प काष्ठ शिल्प के साथ ही गोबर शिल्प को भी प्रदर्शित किया गया है जो आपके मोबाइल से होने वाले रेडिएशन को रोकने में मददगार सिद्ध हो रही है प्राचीन भारत में घरों को गाय के गोबर से लीपा जाता था ये एक प्रकार की परत होती थी जो धरती की नकारात्मक ऊर्जा से हमें बचाकर सुरक्षित करती थी आज रेडिएशन को फ़ैलाने वाला उपकरण हम सब के हाथों में इससे बचने के उपकरण हस्तशिल्प से तैयार किए गए हैं ।







आचार्य श्री ने स्वदेशी अपनाओ के लिए दी प्रेरणा
इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल ने कहा कि आचार्य श्री का जोर स्वदेशी अपनाओ के लिए था उनकी प्रेरणा से बहुत काम हुआ है और बहुत हम सब को मिलकर करते रहना है हमारे बीच प्रतिभा स्थली से वस्तुएँ आयी है इसे
नगरवासियों को अवलोकन करने का मौका मिला है आचार्य श्री ने हमें विदेशी वस्तुओं का त्याग कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया है, जिससे न केवल हमारी अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि हम एक स्वस्थ जीवन भी जी सकेंगे।
गुणवत्ता पूर्ण स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण किया गया है*
इस दौरान थूबोनजी के महामंत्री विपिन सिंघई ने कहा कि चलचरखा में गुणवत्तापूर्ण स्वदेशी वस्तुओं का निर्माण सभी समाजों के बेरोजगार युवाओं के द्वारा किया जा रहा है इन वस्तुओं का आप उपयोग कर आचार्य श्री के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दें और उनकी शिक्षाओं को अपने दिल में सदैव बनाए रखें हमारे जीवन में दैनिक उपयोग में आने वाली वास्तुऐ पानी छन्ना, रुमाल, गोबर पेन, डायरी, नेपकीन, साड़ी, धोती दुपट्टे, मंदिर बैग, आसन आदि बहुत सी वस्तुओं का अद्भुत कलेक्शन इस प्रदर्शनी में किया गया इसका सभी को अवलोकन कर अपने जीवन का हिस्सा बनने ऐसी कामना है।
इस दौरान जैन समाज उपाध्यक्ष राजेंद्र अमन मंत्री शैलेन्द्र श्रागर संयोजक उमेश सिघई अशोक पाटनी पलाश जैन अंशुल जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
