दिखावे में इतना ही खर्च करो कि लोग आपसे नफरत नहीं करें सुनील सागर महाराज
किशनगढ़
आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ने शनिवार को सन्मति समवशरण में धर्म उपदेश देते हुए कहा कि जीवन में कैमरा बनकर अच्छे गुणों को ग्रहण करना चाहिए, वही बुरे अवगुणों को देखकर आईना बन जाना चाहिए। धर्म व दान बुद्धि नहीं होने से विकार होता है। देव ,शास्त्र, गुरु की अश्रद्धा का भाव मन में आए ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए। श्रद्धा को मन में लाने में वर्षों लग जाते हैं, लेकिन श्रद्धा मिटाने में एक छोटा मैसेज ही काफी होता है।
महाराज श्री ने इस बात पर भी जोर दिया की विदेश यात्रा, शादी समारोह में दिखावे के लिए अनैतिक कार्य नहीं करना चाहिए। ऐसा कार्य करो कि देश के संस्कार देश में बने रहे और देश का धन देश में खर्च हो। जीवन पतन के मार्ग पर नहीं जाना चाहिए।

आचार्य श्री ने कहा कि विदेशी लोग भारत में हिमालय, जम्मू
कश्मीर, गुजरात के साथ गिरनार, गोमटेश्वर बाहुबली आदि तीर्थ वह पर्यटन स्थलों की यात्रा कर अपने आप को धन्य मानते है। भारत में धर्म और संस्कृति के दर्शन होते हैं। और यहां के लोग विदेश यात्रा जाकर गलत कार्य करते हैं। विदेश में अपनी कमाई को बर्बाद करने की बजाय उसी धन को अपने विकास में लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिखावे में इतना खर्च करो कि लोग आपसे नफरत नहीं करें। दिखावे से समाज को बचाना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
