जैन धर्म कठिन है कठोर नहीं , वहअपने संविधान से चलता है विज्ञमति माताजी
एटा
विशुद्ध भक्त परिवार द्वारा आयोजित ग्रीन गार्डन में चल रहे गणधर वलय स्रोत सेमिनार के तृतीय दिवस मां विशुद्ध सभागार में आज प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका 105विज्ञमति माताजी ने सेमीनार में द्वितीय काव्य एवं रिद्धि मंत्रों का उच्चारण करना सिखाया,
माताजी ने अपने उद्बोधन के माध्यम से सेमिनार्थियों को बताया कि आर्ष ग्रन्थों के अनुसार तीर्थंकर प्रभु सौ इंद्रों से वंदनीयहै जिनमें प्रमुख चक्रवर्ती, देव गण, मुनि, आर्यिका, मनुष्य, तिर्यंच आदि प्राणी आते है, इस गणधर वलय स्रोत की ऊर्जा का कोई सानी नहीं है हम गणधरों का गुणानुवाद करते समय उनसे कामना करते हैं कि “हे गण ” हमें भी अपने गण में शामिल कर लीजिए, जहां पर गुणवानों का पूज्यों के प्रति सम्मान होता है आंखों में श्रद्धा का भाव रहता है रसना पर स्तवन ,स्तुति, संस्तवन की अनुगूंज है वही सच्चा श्रावक है , जैन साधु निर्भीक चर्या, बाईस परीषह सहने की शक्ति,संयमित जीवन और श्रेष्ठ महाव्रतों का आगमानुसार कठोर तपश्चर्या से वो स्वयं को तपाते है धन्य हैं ऐसे महान तपस्वी है।

जानकारी देते हुए बबीता जैन एटा ने बताया कि जैन धर्म कठिन और कठोर नहीं है अपितु अपने संविधान के साथ चलता है! माता जी ने कोष्ट बुद्धि ऋद्धि के बारे में बताते हुए कहा कि कोष्ठबुद्धि धारी ऋषियों ने धारणा वर्णी कर्म को धारण करने के कारण मति, श्रुति अवधि ज्ञान के साथ सकल कर्मों को तोड़ कर शिव लक्ष्मी को प्राप्त कर लिया है ,

आर्यिका विजितमती माताजी ब्रह्मचारिणी प्रियंका दीदी अदिति दीदी का विशेष सहयोग रहा! इससे पूर्व दीप प्रज्वलन श्री राघवेंद्र जैन,
नितिन जैन एवं श्रीमती सुनीता जैन ने किया, सभागार में श्रीमान नरेंद्र जैन, योगेन्द्र जैन एडवोकेट, मुनेन्द्र जैन, गोल्डी जैन, दीपक जैन, देवेंद्र जैन, सुशील जैन, अतुल जैन, शेखर जैन, आयुष जैन, रितिक जैन, हरित जैन, अर्पित जैन, श्री मती हेमा जैन, प्रतिभा जैन, कुसुम जैन, अल्पना जैन, पल्लवी जैन, अनीता जैन, प्राची जैन, वर्षा जैन, समता जैन, प्रिया जैन, मंगेश जैन, शालिनी जैन, शोभा जैन, आदि श्रावक उपस्थित थे!
बबीता जैन एटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
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