गुरुवार की अनुपम बेला में शाहपुर के राजेंद्र भैया की दीक्षा आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के कर कमलों से तपोवन तीर्थ पर होगी
सागर
आचार्य श्री 108 निर्भय सागर महाराज संघ सहित तपोवन तीर्थ में विराजमान है। आचार्य श्री के कर कमलो से तपोवन तीर्थ पर चौथी बार जैनेश्वरी दीक्षा गुरुवार को संपन्न होगी। शाहपुर के निवासी पंडित श्री राजेंद्र भैया गुरुवार को मुनि दीक्षा लेंगे। इसी के साथ चातुर्मास मंगल कलश स्थापना भी होगी।
मुनि दीक्षा लेने से पूर्व राजेंद्र भैया की सागर नगर के विभिन्न मंदिरों में बिनोली निकल गई एवं गोद भराई की गई। मिली जानकारी अनुसार बुधवार की बेला में राजेंद्र भैया 24 तीर्थंकरों एवं 1556 गणधरो की पूजा कर अर्घ्य समर्पित करेंगे।


तपोवन तीर्थ पर मंगल प्रवचन में वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने कहा कि जब प्रयास के बाद भी सफलता न मिले तो निराश ना हो, क्योंकि सफलता नहीं तो अनुभव अवश्य मिलता है। जो आज नहीं तो कल सफलता दिलाएगी।
उन्होंने कहा कि समय एक ऐसा वाहन है जिसमें रिवर्स गियर नहीं होता है। व्यक्ति का सोच विचार जब उसी में उलझा रहता है तब समस्या पैदा करता है। लेकिन जब सोच विचार कार्य रूप में ढल जाता है तब समस्या का समाधान मिल जाता है। दूसरों की बुराई ना करने वाला का कोई दुश्मन नहीं बनता है। जो अपने काम की बुराई, विरोध, निंदा व आलोचना को सहन कर लेता है और किसी प्रकार का विवाद नहीं करता है वह आज नहीं तो कल वंदनीय और प्रशंसनीय बन जाता है। संघर्ष होने से साथी बिखर जाते हैं। सच्चा साथी तो वही है जिसके साथ रहने से संघर्ष उत्पन्न ही नहीं होते। मुस्कान बड़ी-बड़ी मुसीबत को टाल देती है। सही वक्त पर बोलना विद्वत्ता है। लेकिन बुरे वक्त पर चुप रहना रह जाना साधुता है। दुनिया में कुछ लोग पुल की तरह और कुछ लोग दीवाल की तरह होते हैं पुल एक दूसरे से जोड़ने का, मिलने का, और पार करने का कार्य करता है। जबकि दीवाल एक अखंड घर को भी दो खंड में विभाजित कर देती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
