संकल्प और भक्ति में बहुत बड़ी शक्ति होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी21 जुलाई को आचार्य संघ करेगा वर्षायोग कलश स्थापना पारसोला

धर्म

संकल्प और भक्ति में बहुत बड़ी शक्ति होती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी21 जुलाई को आचार्य संघ करेगा वर्षायोग कलश स्थापना
पारसोला। 
वर्षायोग स्थापना का समय नजदीक है संत समागम से धर्म धारण करने का अवसर मिला है धर्म कीमती है आप सभी व्यापारी हैं आपके व्यापार का सीजन आता है उसी प्रकार वर्षायोग धर्म का सीजन है। धर्म को समझ कर सीजन का लाभ लेना चाहिए साधुओं के प्रवचन सुनकर ग्रहण कर मनन चिंतन करना चाहिए। वर्तमान में अष्टानिका का पर्व चल रहा है यह वर्ष में तीन बार आता है नंदीश्वर दीप में देवता गण अकृतिम चैत्यालयों में पूजन करते हैं। यह मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म सभा में प्रकट की ।ब्रह्मचारी गज्जू भैया राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने प्रवचन में बताया कि भगवान की पूजा भक्ति पूर्वक करना चाहिए भगवान के प्रति गुणानुराग को ही भक्ति कहते हैं ।आपने भक्ति पूर्वक समवशरण बनाया आपका दृढ़ संकल्प था कि हम आचार्य संघ सानिध्य में ही इसकी प्रतिष्ठा करवाएंगे और भक्ति से आपका संकल्प पूर्ण हुआ। आचार्य संघ भी तीन बार राजस्थान से कर्नाटक अपने दृढ़ संकल्प शक्ति से दर्शन करने हेतु गए पारसोला का भी बिहार में सहयोग मिला भक्ति में शक्ति होती है भक्ति से यात्रा का संकल्प पूर्ण हुआ। इसलिए मनुष्य जीवन में संकल्प शक्ति को जागृत करना जरूरी है हमने पारसोला की भक्ति के कारण ही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के बाद तीन महीने पूर्व पारसोला में चातुर्मास की घोषणा कर दी। इसके बाद संघ ने बिहार किया हमारे पैर की उंगली में फैक्चर होने के बावजूद हमने संकल्प को विहार कर पूर्ण किया ,क्योंकि साधु के वचन कभी खाली नहीं जाते हैं आचार्य श्री ने अपने पूर्वाचार्यों के अनेक वचनों का भाव विभोर होकर स्मरण किया आचार्य कल्प श्री चन्द्रसागर जी ने भी संघ के बीमार होने रास्ते में समाधि होने के बावन गजा में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा कराई और कुछ समय बाद उनकी भी समाधि हो गई गुरु की संगति से शिष्य का कल्याण होता है । साधु भी सल्लेखना को लक्ष्य रखकर ही दीक्षा लेते हैं मनुष्य जीवन के सार्थकता इसी में है कि आपको गुरु का सानिध्य बना के रखना चाहिए गुरु सानिध्य से ही जीवन का निर्माण होता है।समाज अध्यक्ष जयंतीलाल कोठारी एवं चातुर्मास समिति अध्यक्ष ऋषभ पचौरी ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 30 साधुओं के साथ अपने 56 वे वर्षायोग के कलश स्थापना 21 जुलाई को स्थापित करेंगे ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा का त्योहार भक्ति पूर्वक मनाया जाएगा।
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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