सभी से कहना, यह चातुर्मास मेरे लिए है। मुनिश्री सुधासागर महाराज
सागर/
भव सागर पार होने तक तुम्हें जीना पड़ेगा तुम्हें जन्मना पड़ेगा और तुम्हें मरना पड़ेगा। तीनो लोको में कहां जन्मना है अच्छे कुल में जन्म लेना है तो अच्छे कर्म करना होगा। यह फैसला प्रकृति का नहीं हमारा तुम्हारा है। निमित्त बनाने के लिए जिंदगी को कैसे चुनना है यह हमारे हाथ में है डाकू बनकर या साधु बनकर, वेमौत मर कर या सल्लेखना समाधि लेकर के, अंतिम सांस किस रूप में निकलेगी। मरने पर दुनिया में एक बात होती है कौन मरा, कैसे मरा, गुरुदेव की समाधि के बाद दुनिया में एक ही चर्चा थी कि गुरुदेव की समाधि हो गई जगत का एक एक व्यक्ति कह रहा था मेरे गुरुदेव की समाधि हो गई। संसार के हर मुख से निकला था गुरुजी चले गए।
आज व्यक्ति कितनों के हो करके मरना चाहता है आप दुनिया में हो लेकिन कितनों के हो मुनिश्री ने कहा गुरु किसी जाति विशेष का नहीं होता है। अगर जगत गुरु बनना है तो सबको एक नजर से देखना होगा। भाग्योदय में आज प्रवेश हुआ है आगवानी 15 दिन पहले हो चुकी थी। आज सागर वालों के हर चेहरे पर सकून देख रहा था।

मुनिश्री ने कहा साधु एक दिन में एक बार चौके में जाता है लेकिन पुण्य उन सभी को लगता है जो चौके लगाकर इस आशा में रहते है कि आज गुरुदेव उनके चौके में आएंगे। साधू की करुणा सभी को मिलती। उन्होंने कहा किसान बीज बोता है तो फसल उसी को मिलती है। सिर्फ खेतों को हरा करने के लिए बीज नहीं बोता बल्कि वह फसल प्राप्त करने के लिए बोता है। यह चातुर्मास सागर वालों के लिए है जितना लाभ ले सकते हो उतना ले लो 4 माह में धर्म की गंगा बहेगी भव सागर पार करने के लिए धर्म ही एकमात्र रास्ता है। अच्छे कर्म करते चलो
*घर से नारियल लेकर आना कमेटी के नहीं…..*
निर्यापक मुनिश्री सुधा सागर महाराज ने कहा कि 21 जुलाई को कलश स्थापना समारोह मे सभी लोग कमेटी के श्रीफल नहीं चढाना बल्कि अपने घर से स्वयं के पैसों से श्रीफल लेकर के आना और फिर चढ़ाना और कहना कि यह चातुर्मास मेरे लिए है 4 माह में धर्म की गंगा बहेगी जितना आप लूट सकते हैं उतना लूट लो। इस बात का ध्यान रहना कमेटी का श्रीफल नहीं चढ़ाना चाहिए और कमेटी वाले भी कल श्रीफल नहीं रखें। इस बात का ध्यान रखा जाए।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
