आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज का समाधि दिवस मनाया जाएगा, इच्छाओं का निरोध करना ही तप है सुधा सागर महाराज
दमोह
गुरु नाम गुरु आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज का 51 व समाधि दिवस निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज मुनि श्री प्रयोग सागर जी महाराज एवं मुनि श्री सुब्रत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में दिनांक 6 जून को दिगंबर जैन धर्मशाला में मनाया जाएगा।
उपरोक्त जानकारी मीडिया प्रभारी सुनील वेजीटेरियन ने प्रदान करते हुए बताया कि दिगंबर जैन धर्मशाला में प्रातः काल 6:30 से श्री जी के अभिषेक एवं शांति धारा उपरांत आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज की संगीतमय मंगल पूजन की जावेगी जिसमें 51 इंद्र इंद्राणी के जोड़े 51 बालिकाओं एवं 51 पुरुषों के द्वारा धूमधाम से मंगल पूजन की जाएगी विभिन्न बालिका मंडल द्रव्य सामग्री सजाकर मंगल पूजन में सम्मिलित होंगे उसके पश्चात मुनि श्री के मंगल प्रवचन होंगे रात्रि में 51 स्वदीपकौ महामंगल आरती होगी नन्हे मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नवीन निराला ने सभी श्रद्धालु गनों से इस आयोजन में सम्मिलित होने की अपील की है।





बुधवार की अनुपम बेला में पूज्य मुनिश्री सुधासागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध करना वास्तविक तप है, इच्छाओं को दबाना नहीं वरन इच्छाओं को उत्पन्न नहीं होने देना ही तप है। केतली में यदि भाप बन रही हो तो उसे रोकने पर विस्फोट होगा ही जैन धर्म में हठयोग का विरोध किया गया बड़े-बड़े साधु तपस्वी हठयोग के द्वारा अपने जीवन में असफल हो जाते हैं पहले सती प्रथा चलती थी इसका कारण मरने वाले की आखिरी इच्छा को पूर्ण करना अथवा वह जिसको सबसे अधिक चाहता था उसी को साथ भेज देना इसीलिए पत्नी को साथ में जला देते थे क्योंकि यह मानता है की इच्छाएं शेष रहती हैं तो वह व्यक्ति भूत बनकर आता है जो उसकी सबसे प्रिय वस्तु होती है उसे पाने के लिए वह पुन् आता है दबी हुई भावनाएं उजागर होती हैं जो व्यक्ति जिंदा में नहीं कर पाता वह उसे मरकर पूर्ण करता व्यक्ति जो कार्य दिन में नहीं कर पाता उसे रात में स्वप्न में कर बैठता है बाह तप सूरज के समान है जो बाहर तो गर्म होता है किंतु अंदर ठंडा होता है उपवास आदि करने में शरीर तो तप्त होता है किंतु मन शीतल होता है मन नहीं तपना चाहिए जो नियम ले लिया उस तरफ ध्यान नहीं जाना चाहिए जो छोड़ दिया उसकी कभी याद नहीं आनी चाहिए नियम लेने से पहले मन से पूछ लो याद तो नहीं

इस मौके पर मुनि श्री का पद प्रक्षालन का सौभाग्य आशीष पलंदी एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य सुधीर जी सांगानेर ने प्राप्त किया मुनि श्री को आहार देने का सौभाग्य अरविंद इटोरिया परिवार को प्राप्त हुआ।
सुनील जैन वेजीटेरियन से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
