क्रोध इंसान को खा जाता है, क्रोध से जितना भी बच सको बचना चाहिए अजीत सागर महाराज
बड़ोदिया
परम पूज्य मुनि श्री108 अजीत सागर महाराज ने धर्म सभा में क्रोध से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि क्रोध इंसान को खो जाता है, क्रोध से जितना भी बच सको बचना चाहिए। क्योंकि क्रोध करते समय व्यक्ति अच्छा बुरा कुछ भी नहीं देखता है। जब क्रोध का परिणाम भयावह होता है तब पता चलता है कि क्रोध के द्वारा कितना अनर्थ हुआ है।
महाराज श्री ने आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बड़ोदिया में अपने मंगल प्रवचनों में बोलते हुए आगे कहा कि सरलता रिजुता जिनके जीवन में आ जाती है, वह बहुत आगे बढ़ता है।

मंगल प्रवचन से पूर्व महाराज श्री संघ सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा की गई। साथ ही भक्ति भाव के साथ आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की संगीतमय पूजन की गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
