आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज शिक्षा के विषय में दिया गया उद्बोधन शिक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से छल, कोई सुनने वाला नहीं भोपाल चातुर्मास के दौरान दिया उद्बोधन
भोपाल
वर्ष 2016 में आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज ने अपने प्रवचन में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे छल पर करारा प्रहार किया था उन्होंने कहा था
वर्तमान में प्रचलित सेमेस्टर प्रणाली का विद्यार्थी और अभिभावक दोनों विरोध कर रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है,क्योंकि शिक्षा का व्यावसायीकरण हो गया है शिक्षा के नाम पर जो छल किया जा रहा है वो हमारी संस्कृति पर कुठाराघात है।
यह सद्विचार आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महाराज ने मंगलवार 4 oct को धर्मसभा में व्यक्त किए थे उस समय आचार्यश्री का हबीबगंज (वर्तमान रानी कमलापति) स्थित जैन मंदिर में ससंघ का चातुर्मास था।


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आचार्यश्री ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर चिंता जताते हुए कहा था कि पहले की शिक्षा में तीन चरणों में परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थी की योग्यता का मूल्यांकन किया जाता था अगली कक्षा में जाने से पहले भी एक परीक्षा ली जाती थी,ताकि विद्यार्थी को सरलता से प्रवेश की पात्रता मिल सके आज सेमेस्टर सिस्टम के माध्यम से हर छह माह में पाठ्यक्रम की परीक्षा होती है छात्र छह माह में उस पाठ्यक्रम का पुनरावलोकन ही नहीं कर पाता उसकी पढ़ाई की धारा ही टूट जाती है
अंततः विद्यार्थी का मनोबल टूट जाता है इससे विद्यार्थी और अभिभावक भी संतुष्ट नहीं है परंतु उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है,क्योंकि शिक्षा का व्यावसायीकरण होता जा रहा है।
गुरूवर ने कहा कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी 9929747312

