माँ बाप वो दीपक है जो जिंदगी भर के अंधेरे को मिटा देते हैं –मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज की आहारचर्या एवं चरण वंदना का लाभ कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई को प्राप्त हुआ
दमोह
-मां बाप की आयु एक दिन की भी हो तब भी वो दीपक है जो जिंदगी भर के अंधेरे को मिटाकर जाते है, जवान बालक कितनी भी काढिया जलाते रहे, दो कदम से ज्यादा उजाला नही होता
अनजान व्यक्ति के एक दो वर्ष के प्रेम के लिए माँ बाप के 25 वर्ष के प्रेम को तुमने आँसू में बहा दिया। माँ बाप तुम्हारी गंदगी साफ करने के लिए मेतरानी बने, कपड़े धोने के लिए धोबिन बनी, रोटी बनाने के रसोईन बने उन्हें कभी झुंझुलाहट नही आई, 25 साल तक जो प्रेम किया कोई पत्नी नही कर सकती मां बाप का स्थान कोई नहीं ले सकता यदि आपको उनकी सेवा का मौका मिला है तो समर्पित भाव से सेवा करते हुए अपने कर्तव्य का पालन सौभाग्य मान कर करें।
उक्त उद्गार मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने दमोह में जिज्ञासा समाधान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।




मुनि पुंगव ने कहा कि लव मैरिज में इतने अंधे न हो जाओ कि संस्कृति को ही भूल जाओ तुम्हारे गुरु ही छूट जाये, गुरु का संस्कार छूट जाए कर्म ने जैनकुल दिया है तो आपकी जिंदगी जैनत्व के साथ व्यतीत होना चाहिए, अन्यथा जन्म जन्म तक जैनकुल नही मिलेगा लव मैरिज में मित्रता होती है तो तू तड़ाक होती है और सम्बन्ध में एक छोटा और एक बड़ा होता है, कर्तव्य, अधिकार में अंतर होता है, मित्रता में दोनो के बराबर होने से टकराव होता है लव मैरिज में नौकरी करने वालो के बच्चे कभी माँ बाप के काम नही आते क्योंकि माँ बाप उनके काम नही आये लव मैरिज में इतना विवेक हो- कुल, जाति बराबरी के हो, दोंनों कुलों के देव शास्त्र गुरु एक हो।
दूध कभी मांसाहारी नहीं हो सकता
उन्होंने कहा कि दूध कभी मांसाहारी नहीं हो सकता क्योंकि कि दूध निकालने से गाय को हानि नही होती दूध निकालने के बाद गाय को आनंद आता है गाय, दूध अपने बछड़े को पिलाना चाहती है, वो उसे गलत चीज नही पिलाएगी दूध में जो बैक्टीरिया पाए जाते है, वो खून में नही पाये जाते, दोनो अलग है दूध प्रकृति प्रदत्त है, संसार का कोई भी जीव जन्मते ही दूध पीता है, चाहे सिंहनी का ही जीव क्यों न हों।
आज
निर्यापक मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के आहार एवं चरण वंदना का सौभाग्य कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी पूर्व अध्यक्ष संतोष सिंघई के परिवार को प्राप्त हुआ।
सुनील वेजीटेरियन से मिली जानकारी अनुसार निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर के आहार अतुल जैन परिवार को प्राप्त हुआ निर्यापक मुनि श्री वीर सागर जी महाराज को आहार देने का सौभाग्य नवीन निराला मुनि श्री पदम सागर जी महाराज के आहार का सौभाग्य संजय बड़े परिवार मुनि श्री शीतल सागर जी महाराज को आहार देने का वीरेश सेठ परिवार को गंभीर सागर जी महाराज के आहार का सौभाग्य अभिषेक भैया परिवार को प्राप्त हुआ। शंका समाधान में पधारे आई ए एस राहुल जैन का सम्मान भी किया गया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
