वैभव से युक्त नही बे भव होने का प्रयास करें,यही कल्याणकारी है आचार्य श्री सुनील सागर महाराजजयपुर की धर्म धरा पर पुनः आचार्य श्री सुनील सागर महाराज ससंघ का हुआ प्रवेश
जयपुर
धर्म नगरी जयपुर में परम पूज्य आचार्य सुनील सागर महाराज ससंघ का एक बार पुनः मंगल आगमन हुआ तो वही जयपुर के मुहाने पर कानोता ग्राम पंचायत के शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर बगराना समिति ने पाद प्रक्षालन कर गुरुवर की अगवानी की। आहार चर्या रिंग रोड स्थित बावन फिट हनुमान मन्दिर पर सम्पन्न हुई।
धर्म जागृति संस्थान के प्रांतीय अध्यक्ष पदम चन्द बिलाला ने अवगत कराया कि दोपहर पश्चात शांति कुमार ममता सोगानी के फार्म हाउस हाईवा हेवन की ओर विहार हुआ तो भक्तों ने जयकारो के साथ जयपुर मंगल प्रवेश कराया।
इस अवसर पर आचार्य सुनील सागर महाराज ने उपस्थित भक्तों से कहा की वैभव होना अति आवश्यक है किंतु वैभव में डूब जाना नही चाहिए, तीर्थंकर शांतिनाथ का जब समोशरण लगा तो अतुल वैभव का प्रदर्शन किया लेकिन भगवान फिर भी उस वैभव से चार अंगुल ऊपर रहे तो वैराग्य की तो अलग ही महिमा होती है।

आचार्य ने समझाते हुए कहा कि वैभव से युक्त नही वैभव होने का प्रयास करें,यही कल्याणकारी है। इस अवसर पर जग्गा की बावड़ी,

झोटवाड़ा, वैशाली नगर,जनकपुरी जयपुर जैन समाज के साथ-साथ धर्म जागृति संस्थान राजस्थान प्रान्त के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे
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शनिवार को चूलगिरी पर होगा मंगल प्रवेश शनिवार को प्रातः पद विहार करते हुए जग्गा की बावड़ी के दर्शन उपरांत राणा जी की नशिया चूलगिरी पर प्रातः प्रवेश होगा।

तीन दिन तक वहीं प्रवास होगा उसके उपरांत जयपुर महानगर में वैशाली नगर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव हेतु मंगल पदार्पण होगा । वैशाली नगर जैन समाज अध्यक्ष गजेंद्र जैन बड़जात्या के अनुसार 27 मार्च से 1 अप्रैल तक भव्य दिव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होगा।
संजय जैन बड़जात्या कामां से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
