आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी का दुर्घटना से अकाल समाधि मरण

धर्म

आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी का दुर्घटना से अकाल समाधि मरण
दाहोद
13 फरवरी की बेला में हृदय विदारक सूचना से संपूर्ण जैन समाज में शौक की लहर दौड़ गई।

 

. श्रुतज्ञान चंद्रिका आर्यिका 105श्रुतमति माताजी की समाधि हो गई आज दाहोद के पास माताजी दाहोद आचार्य श्री सुनील सागर जी संघ के दर्शन हेतु  विहार कर रही थी तभी आज प्रात काल में सड़क दुर्घटना में माताजी का अकाल समाधि मरण हो गया है। जैसे यह सूचना संपूर्ण भारतवर्ष में फेली सारा संत जगत एवं पूरा जैन समाज शोक की लहर में डूब गया।

निश्चित रूप से यह कहा जाए तो संत इस जगत के प्राण हैं यदि संत ना हो तो यह सृष्टि नहीं चल सकती लेकिन वाहन चलाने वालों को पूरा विवेक रखना चाहिए आज सचमुच एक अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी रिक्तता को भरा नहीं जा सकता।

पूज्य माताजी मुंबई से बिहार करती हुई चल रही थी। यह वाकया सुबह 7:00 बजे का हैं। माताजी सुबह 7:00 बजे गुरु भक्ति कर मंगल विहार के लिए रवाना हुई और केवल 40 कदम ही चली थी कि पीछे से एक तेज गाड़ी ने आकर गुरु माता जी को टक्कर मार दी।

 

उसके बाद जो हुआ वह सुन सभी द्रवित एवं भावुक हो उठे जो हुआ है उसे सुनकर और मौजूद भक्त भी सहम गए लगभग 300 मीटर तक माताजी घसीटा गई। और गुरु माता जी की समाधि हो गई। मिली जानकारी अनुसार माताजी एवं संघ पूर्ण नियमों का पालन करते हुए पैदल बिहार कर रही थी लेकिन वाहन चलाने वाले ने अपनी गाड़ी की गति को धीमा नहीं किया और और अपने वाहन को नियमों के विपरीत चलाया इसी का परिणाम हुआ कि आज एक बड़ी दुर्घटना हो गई। इसके साथ जो माता जी के साथ श्रावक चल रहा था वह भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

 

मिली जानकारी अनुसार यह बहुत ही भावुक क्षण था की माताजी आचार्य श्री सुनील सागर महाराज के दर्शन करने लगभग तीन वर्ष बाद पहुंच रही थी और माता जी के अंदर गुरु दर्शन का भाव था और इसको लेकर दाहोद में भी तैयारी थी लेकिन विधि के विधान को कौन टाल सकता है। जैसे ही यह सूचना आचार्य श्री सुनील सागर महाराज एवं संघ तक पहुंची तो संपूर्ण संघ भी द्रवित हो उठा और सभी की पलके भीग गई। आखिर क्यों वाहन चलाने वाले अंधाधुन गाड़ी चलाते हैं। यह संत हमारे प्राण हैं इन्हीं से भारत महान है लेकिन क्यों बार-बार ऐसी पुनरावृत्तियां होती हैं। यह बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है एवं संत जगत के लिए एवं धर्म क्षेत्र के लिए यह बहुत बड़ा आघात है सरकार को एवं प्रशासन को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
गांधी भाविन जैन खेदब्रह्मा से मिली जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9928747312

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