आर्यिका पूर्णमति माताजी 700 किलोमीटर का पैदल बिहार कर सिरोंज में मंगल प्रवेश किया एवं जिनालय के दर्शन उपरांत कुंडलपुर तीर्थ की ओर मंगल विहार किया जिसकी लगभग दूरी 230 किलोमीटर है।
सिरोंज
आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज से दीक्षित राजस्थान की नगर गौरव आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी का गुरुवार को सिरोंज में मंगल प्रवेश हुआ।
2 दिन पूर्व माताजी लटेरी पहुंची थी। जहां सिरोंज जैन समाज ने माता जी को नगर आगमन हेतु निवेदन किया था


जिसे गुरु मां ने स्वीकार किया। बुधवार की अनुपम बेला में माताजी ने संघ सहित सिरोंज की और मंगल विहार किया बुधवार की रात्रि को गुरु मां का रात्रि विश्राम नगर से 5 किलोमीटर दूर पाटन ग्राम में हुआ था।




एवं गुरुवार की मंगल बेला में गुरु मां का सिरोंज नगर में मंगल प्रवेश हुआ जहां पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनकी अगवानी की।

जिस मार्ग से माता जी का संघ निकला वहां जगह-जगह रंगोलिया सजाई गई थी एवं गुरु मां के स्वागत में नगर वासी हर्षित दिखाई पड़ रहे थे। ढोल नगाड़ों के बीच गुरु मां को नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए जिन मंदिर लाया गया। इस भव्य अगवानी में सिरोंज का नवयुक मंडल घोष के द्वारा मधुर वादन कर रहा था। महिलाएं भी विशेष परिधान में। इस भव्य अगवानी को शोभायमान कर रही थी।

पूज्य माताजी संघ सहित चंद्रप्रभु जिनालय आई जहां जिनालय के दर्शन किए। इसके उपरांत कुंडलपुर तीर्थ की ओर कदम बढ़ाते हुए शोभायात्रा के साथ मंडी बामोरा की ओर कदम बढ़ा दिए। गुरुवार को गुरु मां की आहारचर्या कुरवाई रोड स्थित वेयरहाउस पर संपन्न हुई। पूज्य गुरु मां का लगभग मंगल विहार कुंडलपुर की ओर है जिसकी दूरी सिरोंज से लगभग 230 किलोमीटर की है पूज्य गुरु मां 700 किलोमीटर का पद बिहार कर सिरोंज पहुंची थी। और अभी लगभग 230 किलोमीटर और चलकर कुंडलपुर तीर्थ पहुंचेगी। जहां 16 अप्रैल को आचार्य पद प्रतिष्ठा समारोह संपन्न होगा।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट9929747312
