धांमनोद नगर बना धर्मनगरी जैन धर्म के भगवान चर्या शिरोमणि आचार्य श्री विशुद्धसागरजी ससंघ का समोशरण ही नगर में उतरा **
धांमनोद//
धांमनोद नगर आचार संहिता लगते ही धर्ममय नगरी हो गया जैन धर्म के नही विश्व जगत के चलते फिरते भगवान महामुनिराज चर्या शिरोमणि आचार्य 108 श्री विशुद्धसागरजी ससंघ के साथ 33 मुनीराज का विशालसंघ का आगमन हुआ जो धांमनोद नगर के गुलझरा से भव्य शोभायात्रा के साथ बेंड बाजो के साथ धार्मिक भजनों की एललहरों के बीच जय जयकारो के साथ भारी संख्या के साथ जैन धर्मा लंबीयो कतारों के साथ चल रहे थे। नगर में स्वागत तोरण द्वारो से झंडों व रांगोली बना कर सजावट की गई थी व आचार्य श्री की जगह जगह पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी गई।
नगरवासी भी आचार्य श्री को नमन कर रहे थे ससंघ ने मन्दिरजी में पहुचकर भगवन्तों के दर्शन किए ।

श्री आदिनाथ भवन ऐसा लग रहा था जैसा श्रीराम मन्दिर हो।और ऐसा प्रतीत हो रहा था।जहां वास्तव में राम भगवान का आगमन हुआ हो। मन्दिर जी व मांगलिक भवन में भी सुंदर सजावट के साथ रोशनी की गई थी श्री आदिनाथ मांगलिक भवन में आचार्य श्री ससंघ की आरती की गई। 
इस अवसर पर आचार्य श्री विशुद्धसागरजी महाराज ने अपने प्रवचन में भारी संख्या में उपस्थित श्रावक व श्राविकाओं को उद्बोधन देते हुए कहा कि देव शास्त्र व गुरु पर सदैव अपनी आस्था रखे श्रद्धा रखे व धर्म को उसके तत्वों को अच्छी तरह जीवन मे समझने का प्रयास करें जिससे यह जीवन जैसा भौगोलिक जीवन मे चमकता है ऐसा मोक्ष में भी चमके।


आगे महाराज जी ने कहा कि जैसा कीचड़ में कमल खिलता है ऐसा जीवन को भी खिलाओ गन्ना का स्वाद मीठा होता व गुड़ का स्वाद भी मीठा होता है अपनी वाणी को भी मीठा व सरल बनाओ जिससे जीवन में माधुर्य बना रहे माधुर्य बनाओगे तो धर्म मे कामो में बढ़ोतरी होगी

इस अवसर खरगोन बड़वानी महेश्वर मंडलेश्वर लोनारा बालसमुंद कसरावद पिपलगोंन बड़वाह सनावद गुजरी
मनावर बाकानेर धरमपुरी महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यो के भक्तगण भी उपस्थित थे मुनिसेवा समिति महिलामण्डल व भोजन समिति मुनिसंघ की आहारचर्या समिति आदि का सहयोग सराहनीय रहा। जानकारी मीडिया प्रभारी दीपक प्रधान समाज अध्य्क्ष राकेश जैन ने दी व आभार सचिव सन्दीप मंडलोई ने माना।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंज मंडी की रिपोर्ट
