धन का दान करके पुण्य कमाया जाता है, पैसों से सुख नहीं मिलता, पुण्य से मिलता है : आचार्य श्री पुलक सागर महाराज 

धर्म

धन का दान करके पुण्य कमाया जाता है, पैसों से सुख नहीं मिलता, पुण्य से मिलता है : आचार्य श्री पुलक सागर महाराज 

डूंगरपुर 

 धन कमाना और उसका सदुपयोग करना आना चाहिए। पैसा नमक की तरह होता है ज्यादा डाल दो तो स्वाद बिगाड़ देता है और नहीं डालो तो भी स्वाद बिगाड़ देता है।इसलिए नमक की तरह ही पैसे का उपयोग होना चाहिए। ये बात शुक्रवार को राष्ट्र संत कार्यक्रम पुलक सागर ने संत भवन में अपने मंगल प्रवचन में बताई। 

शुक्रवार को सुबह प्रवचन में समाजजन की उपस्थिति में प्रवचन हुआ। इसमें गुरुदेव ने बताया कि पैसा ना तो मेहनत से आता है और ना पुण्य से आता है। पैसा यदि मेहनत से आता तो मजदूर सबसे ज्यादा धनवान होता, पैसा दिमाग से कमाया जाता है। ज्ञानवाणी कर्म की वजह से पैसा कमाया जाता है। मिलता है पुण्य से

     

महाराज श्री ने कहा ईश्वर की पूजा से पुण्य ही सुख मिलता है, पैसे से सुख नहीं मिलता पाप दुख देता है और पुण्य सुख देता है। भगवान के पास जाने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पुण्य से ही सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि अच्छे कामों में पैसों का दान करके पुण्य कमाया जाता है मनुष्य भवपुण्य के उदय से मिलता है।

कार्यक्रम में चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन,शास्त्र भेंट, चरण प्रक्षालन का पूर्ण लाभ पुलक मंच परिवार ने लिया। शाम को आनंद यात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें गुरुदेव ने कहा कि

जीवन में आनंद का आनंद लीजिए। आनंद यात्रा प्रवचन में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी -आयोजित हुआ इसके बाद गुरुदेव की मंगल आरती की गई। संचालन आनंद जैन ने किया।

               संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

               

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