तपस्वी सम्राट आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज की समाधि स्थल कुंजवन उदगांव को जन्म जयंती महोत्सव पर भव्यता से सजाया गया
कुंजवान उदगांव
तपस्वी सम्राट आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज जैसे तपस्वी संत इस वसुंधरा पर बिरले ही होते है। उन्होंने जितना तप किया है उनकी साधना निश्चित रूप से सभी के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज ने जैन धर्म की प्रभावना में एक अमूल्य योगदान दिया है। श्रमण परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखा
शुक्रवार की बेला में आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज का 86 व जन्म जयंती महोत्सव सभी जगह भव्यता साथ मनाया गया। वह उनके गुण अनुवाद किया गया उनकी पूजन की गई।

पूज्य आचार्य श्री सन्मति सागर महाराज जी की समाधि स्थल कुंजवन उदगांव में भी अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज सानिध्य में भी जन्म महोत्सव मनाया गया।





( उदगाव के मंदिर को विहंगम तरीके से सजाया गया। जो बहुत ही भव्यता प्रदान कर रहा था।

यह छायाचित्र पैठन जर्नलिस्ट रुचिर भगत ने सांझा किए जिसे देख लगता है कि आयोजन कितना भव्य हुआ होगा।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी एवं छायाचित्र के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
