आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ने 6 वर्षीय आर्यमन खटोड़ की सेवा भक्ति संत सेवा की जमकर तारीफ की
सिंगोली
आचार्य श्री 108 विशुद्धसागर महाराज का मंगल विहार रावतभाटा का ऐतिहासिक पंचकल्याणक संपन्न कर बोराव सिंगोली की ओर हुआ।
पूज्य गुरुदेव का मंगल विहार जब बोराव से सिंगोली की ओर हो रहा था की तब 6 वर्षीय सिंगोली का एक बालक आर्यमन खटोड़ गुरुदेव के साथ कदमताल करते हुए पद विहार कर रहा था।
इस बच्चे के नन्हे कदम गुरुदेव की और श्रद्धा भरी आंखों से देख रहे थे।

ऐसी उम्र जिसमें बच्चे खेलने कूदने की तरफ अपना ध्यान रखते हैं लेकिन इस बालक का ध्यान आचार्य श्री की चर्या और उनके प्रति श्रद्धा भाव परिलक्षित कर रहा था।

ऐसी उम्र जिसमें बच्चे खेलने कूदने की तरफ अपना ध्यान रखते हैं लेकिन इस बालक का ध्यान और श्रद्धा गुरु के प्रति थी। मन में किसी संकोच थकान भय के बिना यह आचार्य श्री के हाथ पकड़ कर पथरीले मार्ग पर चल रहा था। गुरुदेव को बिहार करते देखा यह बालक आचार्य श्री से कह उठा आचार्य श्री आपका स्वास्थ्य कैसा है, उसके बाद जो उसने पूछा वह बड़े बड़े की जुबा पर नही आ पाता पूछा आचार्य श्री आपका स्वास्थ्य कैसा है आप इतना पैदल बिहार करते हैं क्या आप थकते नहीं गुरुदेव ने मधुर मुस्कान के साथ इस बालक की श्रद्धा भक्ति को आशीर्वाद प्रदान किया। सिंगोली निवासी सुमित खटोड़, जया खटोड़ के पुत्र आर्यमन के संस्कारों की पूज्य गुरुदेव ने भी जमकर तारीफ की। इस बालक ने लगभग गुरुदेव के साथ 20 किलोमीटर का बिहार किया।
आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में बालक की जमकर तारीफ की और कहा कि सिंगोली में मुनि श्री 108 सुप्रभ सागर महाराज का वर्षा योग होना निश्चित रूप से सार्थक सिद्ध करता है। यहां पर धर्म की निष्ठा काफी है। इस बालक की जितनी तारीफ की जाए कम होगी पूज्य गुरुदेव ने आर्यमन की श्रद्धा भक्ति को भरपूर आशीर्वाद दिया एवं परिवार की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह इस बात का परिचायक है की सिंगोली में सम्यक दृष्टि जीव निवास करते हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
