गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी व भरतेश्वरी माताजी का हुआ महामिलन
गुन्सी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज.) में गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने प्रवचन सभा में उपस्थित श्रावकों को संबोधन देते हुए कहा कि- आप अपना भविष्य तो नहीं बदल सकते लेकिन आप अपनी आदतें तो बदल सकते हैं क्योंकि बदली हुई आदतें ही आपका भविष्य बदलेगी। भविष्य बदलने का आसान तरीका है कि आप हमेशा इन बाइन्डेड चीजों का ही प्रयोग करें। होठों के लिए सत्य, आवाज के लिए प्रार्थना, आँखों के लिये दया, हाथों के लिए दान, ह्रदय के लिए प्रेम, चेहरे के लिए हंसी और बड़ा बनने के लिए माफी।
वही सोमवार की बेला में पूज्य गुरु माँ गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी एवं गणिनी आर्यिका भरतेश्वरी माताजी का सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी में महामिलन हुआ ।



दोनों गणिनी आर्यिका माताजी ने परस्पर एक दूसरे को पिच्छिका हाथ में लेते हुए नमन किया यह महामिलन वात्सल्य मिलन के रूप में परिलक्षित हो गया। दोनों गणिनी माताजी ने एक दूसरे की स्वास्थ्य एवं रत्नत्रय के बारे में जाना एवं साथ में ही बैठकर काफी समय तक धर्म चर्चा की ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
