आज भाग्योदय तीर्थ अस्पताल पूरे बुंदेलखंड में सर्वाधिक चैरिटी देने वाला अस्पताल बन गया है विनम्र सागर महाराज
सागर
आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि श्री 108 विनम्र सागर महाराज ने अंकुर कॉलोनी में धर्म सभा को संबोधित किया एवं भाग्य तीर्थ से जुड़ी हुई स्मृति एवं आचार्य श्री का एक संस्मरण सुनाया।
उन्होंने भाग्योदय तीर्थ से जुड़े संस्मरण को सुनाते हुए कहा कि जब भाग्योदय तीर्थ का निर्माण होना था उस समय बहुत लोगों ने इसका विरोध किया था। गुरुदेव के समक्ष पहुंचकर अपनी बातें रखी थी लेकिन गुरुदेव ने सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के तहत अपने निर्णय को टाला नहीं था।


उन्होंने कहा उस समय मैने गुरुदेव से पूछा था कि इतना विरोध क्यों तो गुरुदेव ने जवाब दिया था कि एक बार ठंडे दिमाग से निर्णय लेता हूं फिर पलटने का काम नहीं इसी से शासन चलता है। महाराज श्री ने कहा कि आज भाग्योदय तीर्थ अस्पताल पूरे बुंदेलखंड में सर्वाधिक चैरिटी देने वाला अस्पताल बन गया है। उन लोगों को भी भाग्योदय याद आता है जिन्होंने कभी इसका विरोध किया था। भाग्योदय में बन रहे सर्वोतोभद्र जिनालय के संदर्भ में महाराज श्री ने कहा कि मंदिर जल्दी खड़ा नहीं किया गया तो जन्नत पर प्रश्न चिन्ह लगेगा। यह मंदिर नहीं है बल्कि इतिहास बनने वाला है। आचार्य भगवान जब तक वसुंधरा पर हैं उनकी आंखों के सामने इस मंदिर का पंचकल्याणक हो जाना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
